- ग्वालियर में नकली जीरे का बड़ा खुलासा, 46 बोरी जब्त
- सीमेंट-केमिकल की परत चढ़ाकर सौंफ को बेचा जा रहा था ‘शिव पुजारी जीरा’
न्यूज़ डेस्क
ग्वालियर: पुलिस ने खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 46 बोरी नकली जीरा जब्त किया है। जांच में सामने आया है कि सौंफ के बीजों पर सीमेंट और केमिकल की परत चढ़ाकर उन्हें मशहूर ब्रांड “शिव पुजारी जीरा” के नाम से बाजार में खपाया जा रहा था।
पुलिस ने इस मामले में हितेश सिंघल और टीटू अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। दोनों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
ब्रांड मालिक की शिकायत पर हुई कार्रवाई
असली “शिव पुजारी जीरा” ब्रांड के मालिक विमल पटेल (गुजरात) को अपने ब्रांड नाम से नकली उत्पाद बाजार में बिकने की सूचना मिली थी। इसके बाद उन्होंने खुद स्तर पर जांच करवाई और ठोस सबूत जुटाने के बाद मध्य प्रदेश पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने छापेमारी कर नकली जीरे की बड़ी खेप पकड़ी।
जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नकली जीरा तैयार करने में सीमेंट और हानिकारक केमिकल का इस्तेमाल किया गया, जो सीधे तौर पर लोगों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। खाद्य सुरक्षा विभाग भी इस मामले की जांच में जुट गया है।
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पहले भी सामने आ चुका है मामला
गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली में भी नकली जीरा पकड़ा गया था, जहां झाड़ू के रेशों से जीरे जैसा उत्पाद तैयार किया जा रहा था। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच जारी, और गिरफ्तारियों के संकेत
पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।खाद्य पदार्थों में मिलावट न सिर्फ कानूनन अपराध है, बल्कि यह आम जनता की जान के साथ सीधा खिलवाड़ भी है।
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