नई दिल्ली। देश में महंगाई का दबाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अगस्त 2026 में भारत की खुदरा महंगाई दर 4.82% पहुंच गई, जबकि जुलाई में यह 4.45% थी। यह नई CPI सीरीज के तहत अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। अगस्त की महंगाई लगातार तीसरे महीने RBI के 4% के मध्यम अवधि के लक्ष्य से ऊपर रही।
खाद्य महंगाई 5.95%, प्याज-लहसुन ने बढ़ाया दबाव
महंगाई बढ़ने में खाद्य वस्तुओं की कीमतों की बड़ी भूमिका रही। अगस्त में खाद्य महंगाई 5.95% रही, जो जुलाई के 5.52% से अधिक है। प्याज की कीमतों में सालाना आधार पर 48.27% और लहसुन में 43.60% की तेजी दर्ज की गई। ग्रामीण महंगाई 5.23% और शहरी महंगाई 4.31% रही।
RBI की अगली नीति पर बाजार की नजर, रुपये पर भी दबाव
महंगाई में लगातार बढ़ोतरी ने भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति को लेकर बाजार की चिंता बढ़ा दी है। RBI ने अगस्त में रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रखा था, लेकिन हालिया आंकड़ों के बाद अक्टूबर की बैठक में ब्याज दरों को लेकर चर्चा महत्वपूर्ण हो सकती है। ऊंचे वैश्विक तेल दाम भी महंगाई के लिए जोखिम बने हुए हैं।
Reuters के अनुसार, रुपये पर भी दबाव बना हुआ है। पिछले सप्ताह रुपया करीब ₹95.55 प्रति डॉलर पर बंद हुआ और इस सप्ताह ₹95.80 के स्तर की परीक्षा हो सकती है। महंगा कच्चा तेल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में मजबूती रुपये के लिए अतिरिक्त दबाव पैदा कर रही है।
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विशेषज्ञों की नजर अब अक्टूबर में होने वाली RBI की मौद्रिक नीति समिति की बैठक पर है। महंगाई, तेल की कीमत और रुपये की चाल—तीनों आने वाले दिनों में बाजार के लिए अहम संकेतक रहेंगे।


