नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की नई Aide-de-Camp (ADC) के रूप में मेजर नव्या शेखावत की नियुक्ति इन दिनों चर्चा में है। उनकी नियुक्ति इसलिए ऐतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि वह भारतीय थल सेना से राष्ट्रपति की ADC बनने वाली पहली महिला अधिकारी हैं।
पांच साल के सैन्य करियर में बड़ी जिम्मेदारी
रिपोर्टों के मुताबिक मेजर नव्या शेखावत ने UPSC की Combined Defence Services (CDS) परीक्षा के जरिए सेना में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने चेन्नई स्थित Officers Training Academy (OTA) में प्रशिक्षण लिया और वर्ष 2021 में Army Service Corps (ASC) में कमीशन प्राप्त किया। करीब पांच वर्ष के सैन्य करियर में वह मेजर के पद तक पहुंचीं और अब राष्ट्रपति भवन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
राष्ट्रपति की ADC का क्या होता है काम?
ADC यानी Aide-de-Camp राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यक्रमों और सैन्य प्रोटोकॉल से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाता है। ADC राष्ट्रपति के साथ आधिकारिक समारोहों, कार्यक्रमों और यात्राओं में मौजूद रहता है। इसके अलावा कार्यक्रमों के समन्वय, प्रोटोकॉल और आधिकारिक संपर्क से जुड़े कार्यों में भी भूमिका निभाता है।
राष्ट्रपति की दूसरी महिला ADC
मेजर नव्या शेखावत राष्ट्रपति की ADC बनने वाली दूसरी महिला सैन्य अधिकारी हैं। उनसे पहले 2025 में भारतीय नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर यशस्वी सोलंकी राष्ट्रपति की ADC बनने वाली पहली महिला सैन्य अधिकारी बनी थीं। नव्या शेखावत की नियुक्ति के साथ भारतीय सेना में भी यह ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई है।
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राजस्थान के सीकर से राष्ट्रपति भवन तक सफर
मेजर नव्या शेखावत का संबंध राजस्थान के सीकर जिले से बताया जा रहा है। उनकी उपलब्धि को भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व के अवसरों के महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।
खास बात: आपके पोस्ट में नाम “नट्या शेखावत” लिखा है, जबकि उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में सही नाम “मेजर नव्या शेखावत (Major Navya Shekhawat)” है।
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