बांदा में बाढ़-जलभराव के बीच योगी सरकार का महा-एक्शन

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  • संक्रामक बीमारियों को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने झोंकी ताकत
    अरविंद श्रीवास्तव

बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में भारी बारिश के बाद उपजे बाढ़ और जलभराव के संकट के बीच योगी सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। जलभराव वाले क्षेत्रों में बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही संक्रामक बीमारियों और जलजनित रोगों का खतरा तेजी से मंडराने लगा है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने जिले में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है ताकि किसी भी तरह की महामारी की स्थिति को रोका जा सके। योगी सरकार के आदेश पर बांदा के 57 से अधिक प्रभावित गांवों में युद्धस्तर पर स्वास्थ्य शिविर और रोकथाम अभियान चलाया जा रहा है। मच्छरों के पनपने और लार्वा को नष्ट करने के लिए गांव-गांव में एंटी-लार्वा दवाओं और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव शुरू कर दिया गया है। इस महा-अभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए ब्लाक स्तर की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात हैं। जो हर प्रभावित इलाके की चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं।

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बाढ़ प्रभावित ग्रामीण इलाकों में शुद्ध पेयजल और डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक 16 हजार से अधिक क्लोरीन की गोलियां और हजारों की संख्या में ओआरएस पैकेट बांटे जा चुके हैं। इसके साथ ही गांवों में बुखार के मरीजों की पहचान कर उनकी तुरंत मलेरिया और डेंगू की जांच की जा रही है। ग्रामीणों को दूषित पानी न पीने और अपने आसपास सफाई रखने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिले के सभी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अस्पतालों में एडवांस बैकअप के तौर पर 2.5 लाख क्लोरीन की गोलियां और 4 लाख से अधिक ओआरएस पैकेट पहले से ही स्टोर कर दिए गए हैं। सरकार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी परिस्थिति में जीवन रक्षक दवाओं और आवश्यक संसाधनों की कमी नहीं होनी चाहिए। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि जनता को हर संभव चिकित्सा सहायता समय पर मिल सके।

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