- फर्जी ब्रोकरेज कंपनी बनकर निवेशकों को देते थे भारी मुनाफे का झांसा
- ललितपुर में ₹70 हजार की ठगी से खुला इंदौर के सिंडिकेट का नेटवर्क
- यूपी साइबर क्राइम सेल और एमपी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, फर्जी ट्रेडिंग ऐप से निवेश के नाम पर ठगी
इंदौर। उत्तर प्रदेश साइबर क्राइम सेल और मध्य प्रदेश पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ऑनलाइन स्टॉक मार्केट फ्रॉड सिंडिकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इंदौर से गिरोह से जुड़े 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई मंगलवार को की गई। आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उत्तर प्रदेश की ललितपुर साइबर क्राइम पुलिस के हवाले किया गया है।
फर्जी ब्रोकरेज कंपनी बनकर देते थे झांसा
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य खुद को एक वैध ब्रोकरेज कंपनी का प्रतिनिधि बताकर लोगों से संपर्क करते थे। इसके बाद उन्हें शेयर बाजार में निवेश से भारी मुनाफे का लालच दिया जाता था। ठगी के लिए कथित तौर पर ‘Nokia_Securities’ नाम के फर्जी ट्रेडिंग एप का इस्तेमाल किया जाता था।
ललितपुर में ₹70 हजार की ठगी से खुला नेटवर्क
जींद–सोनीपत सेक्शन पर शुरू हुआ स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन का परिचालन
मामले की जांच ललितपुर साइबर क्राइम थाने में दर्ज एक शिकायत के बाद शुरू हुई थी। शिकायतकर्ता से करीब 70 हजार रुपये की ठगी की गई थी। जांच के दौरान पुलिस को इस मामले के तार इंदौर में सक्रिय गिरोह से जुड़े मिले। इसके बाद यूपी साइबर क्राइम सेल और मध्य प्रदेश पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 13 संदिग्धों को गिरफ्तार किया।
डिजिटल इंडिया: UPI को दूसरे देशों के पेमेंट सिस्टम से जोड़ने पर जोर
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और ठगी की रकम कितनी है। साथ ही फर्जी ट्रेडिंग ऐप और इससे जुड़े अन्य बैंक खातों व नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
https://whatsapp.com/channel/0029Va7KAnQGufJ3nPTdjp03
साइबर पुलिस की अपील: अनजान नंबर से आने वाले निवेश प्रस्तावों, ज्यादा रिटर्न का दावा करने वाले ट्रेडिंग ऐप और संदिग्ध लिंक पर भरोसा न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।


