IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे से मिर्जापुर में सियासी हलचल, क्या अब चुनावी मैदान में उतरेंगी?

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  • 13 साल की IAS सेवा छोड़ने के बाद दिव्या मित्तल के राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तेज
  • मिर्जापुर के लहुरियादह में पानी पहुंचाने की पहल से मिली थी लोकप्रियता, अब चुनावी मैदान में उतरने की चर्चा
  • अनुप्रिया पटेल से मतभेद और तबादले का पुराना अध्याय फिर सुर्खियों में, हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं
  • राजनीति में एंट्री पर दिव्या मित्तल ने अभी साधी चुप्पी, मिर्जापुर या देवरिया से चुनाव लड़ने की चर्चा
  • IAS की पारी खत्म, अब ‘अपने लोगों के लिए देखे सपनों’ को पूरा करने की ओर बढ़ने का संकेत

13 साल की प्रशासनिक सेवा को कहा अलविदा, इस्तीफे के बाद मिर्जापुर कनेक्शन फिर चर्चा में; लहुरियादह में पानी पहुंचाने से लेकर तबादले तक का पुराना अध्याय सुर्खियों में

लखनऊ/मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की चर्चित IAS अधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे ने प्रशासनिक गलियारों के साथ-साथ यूपी की सियासत में भी नई अटकलों को जन्म दे दिया है। करीब 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद रविवार को दिव्या मित्तल ने IAS से स्वैच्छिक इस्तीफे की घोषणा की। उन्होंने अपने भावुक संदेश में अपनी प्रशासनिक यात्रा और खास तौर पर मिर्जापुर में बिताए कार्यकाल को याद किया।

इस्तीफे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या दिव्या मित्तल अब राजनीति की पारी शुरू करने जा रही हैं?

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में मिर्जापुर या देवरिया से राजनीतिक शुरुआत कर सकती हैं। हालांकि, मिर्जापुर से विधानसभा चुनाव लड़ने की कोई आधिकारिक घोषणा अभी तक दिव्या मित्तल की ओर से नहीं हुई है। बल्कि उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक राजनीति में आने के सवाल पर उन्होंने फिलहाल टिप्पणी करने से इनकार किया है।

मिर्जापुर का लहुरियादह फिर बना केंद्र

दिव्या मित्तल का मिर्जापुर कनेक्शन इसलिए भी खास है क्योंकि जिलाधिकारी रहते हुए उन्होंने दुर्गम पहाड़ी गांव लहुरियादह में पेयजल पहुंचाने की पहल की थी। गांव में लंबे समय से पानी का संकट था। पानी पहुंचने के बाद स्थानीय लोगों की भावुक प्रतिक्रिया ने दिव्या मित्तल को काफी लोकप्रिय बना दिया था। अपने इस्तीफे के संदेश में भी उन्होंने मिर्जापुर की उस बुजुर्ग महिला का जिक्र किया, जिसने पानी पहुंचने के बाद उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया था।

तबादले के पीछे विवाद की चर्चा

मिर्जापुर में तैनाती के दौरान दिव्या मित्तल और केंद्रीय मंत्री/अपना दल (एस) की नेता अनुप्रिया पटेल के बीच मतभेद की चर्चाएं भी सामने आई थीं। द प्रिंट की रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी सूत्रों ने लहुरियादह में पानी परियोजना से जुड़े एक कार्यक्रम के बाद दोनों के बीच मतभेद की बात कही थी। इसके बाद दिव्या मित्तल का मिर्जापुर से तबादला हुआ था। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि इस समय उपलब्ध नहीं है।

दिव्या मित्तल का मिर्जापुर से तबादला उस समय भी चर्चा में रहा था और स्थानीय लोगों ने उन्हें भावुक विदाई दी थी। अब उनके IAS छोड़ने के बाद वही पुराना मिर्जापुर अध्याय एक बार फिर राजनीतिक चश्मे से देखा जा रहा है।

इस्तीफे की वजह क्या है?

दिव्या मित्तल ने अपने इस्तीफे का कोई राजनीतिक कारण सार्वजनिक रूप से नहीं बताया है। अपने संदेश में उन्होंने 13 साल की सेवा को याद करते हुए कहा कि अब वह अपने लोगों के लिए देखे गए सपनों को जीने की दिशा में आगे बढ़ना चाहती हैं। उनके अगले कदम को लेकर अभी आधिकारिक तस्वीर साफ नहीं है।

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यानी फिलहाल कहानी में दो तस्वीरें हैं—एक तरफ IAS की 13 साल की पारी का अंत, दूसरी तरफ मिर्जापुर से संभावित राजनीतिक शुरुआत की तेज होती चर्चाएं।

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लेकिन सवाल बड़ा है—क्या मिर्जापुर की लोकप्रिय पूर्व DM अब उसी जमीन से राजनीति में उतरेंगी, जहां प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई थी?

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इसका जवाब आने वाले दिनों में ही साफ होगा।

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