गोंडा। जिले में करीब 30 साल पुराने एक मामले को लेकर मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल और न्यायिक अधिकारी शबीना खान के बीच फोन पर हुई बातचीत अब विवाद का विषय बन गई है। न्यायिक अधिकारी शबीना खान ने इस संबंध में अपने जिला जज को पत्र भेजकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है। पत्र में उन्होंने मंडलायुक्त पर अपने पद और प्रभाव का कथित तौर पर दुरुपयोग कर अनुचित दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
बताया गया है कि मामला एक स्कूल और नगर पालिका के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद से जुड़ा है। इसी प्रकरण को लेकर मंडलायुक्त की ओर से न्यायिक अधिकारी को फोन किया गया था। बातचीत के दौरान दोनों के बीच तीखी बहस होने का आरोप है।
जिला जज को भेजे पत्र में क्या कहा
न्यायिक अधिकारी शबीना खान ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि बातचीत के दौरान मंडलायुक्त ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए उन्हें डराने का प्रयास किया। उन्होंने हाईकोर्ट में शिकायत करने की धमकी दिए जाने और मामले को लेकर अनुचित दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है।
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पत्र में न्यायिक अधिकारी ने यह भी कहा है कि बातचीत के दौरान उनके संस्कारों और व्यक्तिगत आचरण पर सवाल उठाए गए, जिससे उन्हें आपत्ति हुई। उन्होंने पूरे घटनाक्रम को न्यायिक कार्यप्रणाली और न्यायिक स्वतंत्रता के लिहाज से गंभीर बताते हुए जिला जज को अवगत कराया है।
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30 साल पुराने मामले को लेकर हुआ विवाद
पूरा विवाद उस मामले को लेकर सामने आया है, जो स्कूल और नगर पालिका के बीच करीब तीन दशक से लंबित बताया जा रहा है। इसी मामले में प्रशासनिक स्तर पर मंडलायुक्त की भूमिका और न्यायिक स्तर पर चल रही कार्यवाही को लेकर फोन पर बातचीत हुई थी।
फिलहाल दोनों पक्षों के दावों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। मामले में न्यायिक अधिकारी की ओर से जिला जज को भेजे गए पत्र के बाद प्रकरण प्रशासनिक और न्यायिक स्तर पर चर्चा में आ गया है। आरोपों पर मंडलायुक्त की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।





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