- BRICS सम्मेलन में शामिल होने की संभावना, 400 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पर नजर
- गलवान के बाद रिश्तों में नरमी के संकेत, मोदी-शी मुलाकात से बढ़ेंगी कूटनीतिक उम्मीदें
नई दिल्ली। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सितंबर में भारत आने की संभावना ने भारत-चीन संबंधों को लेकर कूटनीतिक हलचल तेज कर दी है। रिपोर्टों के मुताबिक, शी जिनपिंग नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आ सकते हैं। यदि यह दौरा होता है तो करीब सात साल बाद उनका भारत दौरा होगा। सूत्रों के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति के साथ लगभग 400 अधिकारियों का बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी आ सकता है। हालांकि, चीन की ओर से अभी शी जिनपिंग की यात्रा की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
12-13 सितंबर को BRICS सम्मेलन
भारत इस वर्ष BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को शिखर सम्मेलन प्रस्तावित है। शी की संभावित मौजूदगी को भारत-चीन संबंधों में आई नरमी के महत्वपूर्ण संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। 2020 के गलवान संघर्ष के बाद दोनों देशों के संबंधों में काफी तनाव आया था। ऐसे में शी का भारत आना दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व को सीधे संवाद का अवसर दे सकता है।
मोदी-शी मुलाकात पर निगाहें
शी जिनपिंग के भारत आने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी संभावित द्विपक्षीय मुलाकात सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में होगी। दोनों नेताओं की पिछली प्रमुख मुलाकात अक्टूबर 2024 में कजान BRICS सम्मेलन के दौरान हुई थी। उस समय दोनों पक्षों ने सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने तथा संबंधों को सामान्य दिशा में आगे बढ़ाने पर जोर दिया था।
सीमा विवाद फिर केंद्र में
शी के संभावित दौरे से ठीक पहले भारत-चीन सीमा विवाद पर उच्चस्तरीय बातचीत भी तेज हुई है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने 25 अगस्त को बीजिंग में भारत-चीन सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधियों की 25वीं दौर की वार्ता की। बातचीत का मुख्य उद्देश्य सीमा क्षेत्रों में शांति एवं स्थिरता बनाए रखना और लंबित सीमा विवाद के समाधान की दिशा में आगे बढ़ना है।
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400 अधिकारियों का दल क्यों अहम?
करीब 400 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की खबर को चीन की ओर से BRICS और भारत के साथ कूटनीतिक संपर्क को दिए जा रहे महत्व से जोड़कर देखा जा रहा है। इतना बड़ा दल केवल शीर्ष राजनीतिक मुलाकातों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि व्यापार, अर्थव्यवस्था, रणनीतिक मामलों और बहुपक्षीय सहयोग से जुड़े अधिकारियों की मौजूदगी भी संकेतित करता है। हालांकि, प्रतिनिधिमंडल की अंतिम संख्या और संरचना यात्रा की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
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60+ महिलाओं को आजीवन FREE BUS यात्रा!
योगी कैबिनेट ने बुजुर्ग महिलाओं के लिए बड़ा फैसला लेते हुए परिवहन निगम की बसों में आजीवन मुफ्त यात्रा को मंजूरी दी है। इस योजना से एक करोड़ से अधिक महिलाओं को लाभ मिलने का अनुमान है।
*वहीं रक्षाबंधन पर महिलाओं के साथ एक सहवर्ती/साथी को भी मुफ्त बस यात्रा की सुविधा दी गई है। पूरी जानकारी के लिए वीडियो देखें*
क्या सीमा विवाद पर निकलेगा रास्ता?
भारत और चीन के बीच सीमा विवाद अभी भी जटिल मुद्दा बना हुआ है। हालिया कूटनीतिक संवाद से तनाव कम करने की कोशिश जरूर दिखाई दे रही है, लेकिन इसे सीमा विवाद के समाधान की गारंटी नहीं माना जा सकता। विशेषज्ञों की नजर इस बात पर रहेगी कि मोदी-शी मुलाकात होने पर LAC पर शांति, सैनिकों की तैनाती, व्यापारिक संबंध और द्विपक्षीय विश्वास बहाली को लेकर क्या संदेश सामने आता है।
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‘ग्रहों के संकेत’ पर जरूरी सावधानी
सोशल मीडिया और कुछ ज्योतिषीय दावों में भारत-चीन संबंधों तथा सीमा विवाद को ग्रहों की स्थिति से जोड़कर भविष्यवाणियां की जा रही हैं। इन ज्योतिषीय दावों का कोई वैज्ञानिक या आधिकारिक आधार नहीं है। इसलिए सीमा विवाद के भविष्य को ग्रहों की चाल से जोड़कर निश्चित निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। वास्तविक स्थिति का आकलन दोनों देशों की कूटनीतिक वार्ता, सैन्य संवाद और राजनीतिक फैसलों से ही किया जा सकता है।
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फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या शी जिनपिंग सचमुच सितंबर में नई दिल्ली पहुंचेंगे। उनकी यात्रा की आधिकारिक पुष्टि होने पर यह दौरा भारत-चीन संबंधों में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम साबित हो सकता है।





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