रोडवेज में पुरुष परिचालकों की भर्ती का रास्ता साफ, शासन ने दी सीधे अनुबंध की अनुमति

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  1. शासन ने 21 अगस्त को जारी आदेश में रोडवेज में परिचालकों की आपूर्ति सीधे अनुबंध के आधार पर करने की दी अनुमति।
  • पुरुष अभ्यर्थियों को संविदा परिचालक बनने का रास्ता साफ, अब भर्ती प्रक्रिया और पदों की संख्या पर निगम के अगले आदेश का इंतजार।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) में परिचालकों की व्यवस्था को लेकर शासन ने अहम फैसला लिया है। शासन ने निगम में परिचालकों की आपूर्ति सीधे अनुबंध के आधार पर किए जाने की अनुमति प्रदान कर दी है। इससे पुरुष अभ्यर्थियों को भी संविदा पर परिचालक के रूप में काम करने का अवसर मिलने का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है।

21 अगस्त 2026 को जारी शासनादेश में निर्देश

परिवहन अनुभाग-2 की ओर से 21 अगस्त 2026 को जारी पत्र में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक को परिचालकों की आपूर्ति सीधे अनुबंध के आधार पर किए जाने की अनुमति दी गई है। आदेश में पूर्व में महिला परिचालकों को संविदा पर रखे जाने की आवश्यकता का भी उल्लेख किया गया है।

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पुरुष अभ्यर्थियों के लिए खुला रास्ता

शासन के इस निर्णय को रोडवेज में परिचालक बनने की तैयारी कर रहे पुरुष अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब पुरुष अभ्यर्थियों की संविदा पर नियुक्ति का रास्ता खुलने की उम्मीद है। हालांकि, कितने पदों पर भर्ती होगी, आवेदन कब से शुरू होंगे, शैक्षिक योग्यता, आयु सीमा और चयन प्रक्रिया क्या होगी, इसका स्पष्ट विवरण निगम की ओर से जारी होने वाले आगामी आदेश में सामने आएगा।

आउटसोर्सिंग एजेंसी से अलग होगी व्यवस्था

शासनादेश में परिचालकों की आपूर्ति सीधे अनुबंध के आधार पर किए जाने की अनुमति दी गई है। ऐसे में यह व्यवस्था सामान्य आउटसोर्सिंग एजेंसी के जरिए नियुक्ति से अलग मानी जा रही है। इससे परिचालक पद के इच्छुक अभ्यर्थियों को सीधे निगम की संविदा व्यवस्था में अवसर मिलने की संभावना है।

खीरों थाने में दर्ज मुकदमे पर बड़ा सवाल!

वादी प्रेमवती का दावा—“हमको खुद नहीं पता कि मेरे नाम से तहरीर कब ली गई।” आरोप है कि बिना बताए अंगूठा लगाकर तहरीर में शामिल कर दिया गया। वहीं परिजनों का कहना है कि उनकी मुकदमा दर्ज कराने की मंशा ही नहीं थी।

*आखिर किसने तैयार की तहरीर और कैसे दर्ज हुआ मुकदमा?*

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📍 मामला: थाना खीरों, जनपद रायबरेली

शासनादेश की प्रतियां परिवहन मंत्री के निजी सचिव, अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव परिवहन विभाग, विशेष सचिव परिवहन विभाग समेत संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई हैं।

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अब अभ्यर्थियों की निगाहें रोडवेज प्रबंधन के अगले आदेश पर टिकी हैं। इसमें रिक्त पदों की संख्या, भर्ती प्रक्रिया और आवेदन की शर्तें स्पष्ट होने की उम्मीद है। यदि निगम की ओर से भर्ती प्रक्रिया शुरू होती है तो लंबे समय से परिचालक बनने का इंतजार कर रहे पुरुष अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिल सकती है।

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