- गिरफ्तार नेताओं की रिहाई और परविंदर सिंह झोटा को इंसाफ दिलाने की मांग, मानसा में चार घंटे चली बैठक में बनी आंदोलन की रणनीति
सुरेश रहेजा जिला संवाददाता
मानसा, 31 अक्टूबर। पंजाब में नशे के बढ़ते कारोबार और कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में किसान, मजदूर, कर्मचारी, शिक्षक और छात्र संगठनों ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। मानसा में एक्शन कमेटी की ओर से बुलाई गई बैठक में फैसला लिया गया कि 5 नवंबर को संगरूर में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। इस बैठक में 100 से अधिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और आंदोलन को पूरे पंजाब में व्यापक बनाने का संकल्प लिया।
चार घंटे तक चली बैठक में परविंदर सिंह झोटा को इंसाफ दिलाने, गिरफ्तार नेताओं की रिहाई, पंजाब में नशे के बढ़ते चलन पर रोक लगाने और फ्रंट की सभी मांगों को पूरा करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। संगठनों के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे के कारण अनेक परिवार प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों पर ही कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियों पर जताया विरोध
बैठक में विभिन्न संगठनों के नेताओं ने कथित पुलिस टॉर्चर और नेताओं की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि परविंदर सिंह झोटा के परिवार को इंसाफ मिलना चाहिए और पंजाब के युवाओं को नशे से बचाने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। प्रतिनिधियों ने गिरफ्तार नेताओं को तत्काल रिहा करने और फ्रंट की सभी मांगों को स्वीकार करने की मांग की।
5 नवंबर के आंदोलन के लिए पूरे पंजाब में लामबंदी
बैठक में निर्णय लिया गया कि 5 नवंबर को संगरूर में मुख्यमंत्री के आवास का घेराव किया जाएगा। इसके लिए पूरे पंजाब में किसान, मजदूर, कर्मचारी, शिक्षक, छात्र और अन्य वर्गों के लोगों को एकजुट करने का आह्वान किया गया। साथ ही आम आदमी पार्टी के सांसदों, विधायकों और अन्य पदाधिकारियों से सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासित तरीके से सवाल-जवाब करने की बात भी कही गई।
बैठक में किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के सरवन सिंह पंधेर, बीकेयू सिद्धूपुर के बोघ सिंह मानसा, काका सिंह कोटड़ा, नशा विरोधी टास्क फोर्स के अमन पटवारी, गगनदीप सिरसीवाला, कुलविंदर सुखी, दर्शन पाल, गुरजंट सिंह, निर्मल सिंह झंडूके, निर्भय सिंह ढुडिके, कुलवंत सिंह किशनगढ़, मानिक गोयल, भगवंत सिंह समाओ, सिकंदर सिंह घरागाना, अमरजीत राड़ा, अमरिंदर सिंह, करमजीत मनुके, चरणजीत सिंह, मुनीष कुमार बब्बी, तरसेम सिंह जोधन, कुलविंदर सिंह उदत, जसवीर कौर, करनैल सिंह, कृष्ण चौहान, धन्ना मल गोयल, परगट सिंह विर्क, पूर्व विधायक सुखविंदर सिंह और जसवीर सिंह भट्टी सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।



