लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बस स्टैंडों और प्रमुख पिकिंग प्वाइंटों के आसपास कथित अवैध डग्गामार वाहनों के संचालन को लेकर यूपी रोडवेज इम्प्लाइज यूनियन ने नाराजगी जताई है। यूनियन का कहना है कि प्राइवेट बसों, जीपों और कारों के माध्यम से हो रहे इस संचालन से उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की आय प्रभावित हो रही है।
यूनियन के प्रदेश संयोजक जसवंत सिंह ने बताया कि बस स्टेशनों के सामने और प्रमुख यात्री पिकअप प्वाइंटों पर निजी वाहनों द्वारा यात्रियों को ले जाने का संचालन जारी है। उनके अनुसार, मुख्य सचिव के स्तर से बस स्टेशनों के आसपास ऐसे अवैध संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस और संबंधित विभागों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है।
कर्मचारियों के वेतन से रिकवरी पर उठाए सवाल
जसवंत सिंह ने आरोप लगाया कि अवैध डग्गामार संचालन पर प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय परिवहन निगम कम आय होने की स्थिति में संविदा चालकों और परिचालकों के वेतन से रिकवरी करता है। उन्होंने परिवहन आयुक्त कार्यालय और निगम प्रशासन से इस मामले में सख्त निर्देश जारी करने तथा अवैध संचालन पर रोक लगाने की मांग की।
बस स्टेशनों और पिकिंग प्वाइंटों पर अभियान का ऐलान
यूपी रोडवेज इम्प्लाइज यूनियन, लखनऊ क्षेत्र की ओर से 13 अक्टूबर 2026 को कर्मचारियों के सहयोग से बस स्टेशनों और प्रमुख पिकिंग प्वाइंटों पर अवैध डग्गामार संचालन रोकने के उद्देश्य से अभियान चलाने की घोषणा की गई है।
यूनियन ने पत्रकारों से अपील की है कि वे परिवहन निगम कर्मचारियों की इस समस्या को जनता, शासन और प्रशासन तक पहुंचाने में सहयोग करें, ताकि संबंधित विभाग इस मामले में प्रभावी कार्रवाई कर सकें।
जारीकर्ता:
जसवंत सिंह
प्रदेश संयोजक
यूपी रोडवेज इम्प्लाइज यूनियन


