यूपी में प्रॉपर्टी टैक्स का सिस्टम बदला! अब एक ही पोर्टल से होंगे कई काम
नगर निगम से लेकर नगर पंचायत तक नई व्यवस्था लागू, संपत्ति कर से लेकर नामांतरण तक सेवाएं होंगी ऑनलाइन
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़े कामकाज का तरीका अब पूरी तरह बदलने जा रहा है। प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में संपत्ति कर, जलकर, सीवर कर और नामांतरण जैसी सेवाओं के लिए अलग-अलग ऑनलाइन सिस्टम की व्यवस्था खत्म की जा रही है। अब इन सेवाओं को सरकारी ‘ई-नगर सेवा’ पोर्टल पर केंद्रीकृत किया जाएगा।
अलग-अलग सॉफ्टवेयर पर लगेगा ब्रेक
अब तक नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में संपत्ति कर के निर्धारण और बिल भुगतान के लिए अलग-अलग सॉफ्टवेयर इस्तेमाल किए जा रहे थे। कई निकायों में एनआईसी से जुड़े सिस्टम के जरिए प्रॉपर्टी टैक्स का निर्धारण, बिल जनरेशन और भुगतान किया जाता था।
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शासन ने 4 सितंबर को आदेश जारी कर अलग-अलग ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स प्रक्रियाओं को बंद करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद सभी निकायों के संबंधित डाटा को ई-नगर सेवा पोर्टल पर स्थानांतरित किया जा रहा है।
10 से 15 दिन में डाटा ट्रांसफर पूरा होने की उम्मीद
अधिकारियों के मुताबिक डाटा ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसे पूरा होने में करीब 10 से 15 दिन लग सकते हैं। डाटा माइग्रेशन पूरा होने के बाद ई-नगर सेवा पोर्टल पर प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़ी नई व्यवस्था प्रभावी हो जाएगी।
नए सिस्टम में संपत्ति कर निर्धारण, बिल भुगतान, नामांतरण, जलकर और सीवर कर जैसी सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म से संचालित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य अलग-अलग सिस्टम को हटाकर प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी, केंद्रीकृत और सुरक्षित बनाना है।
नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक कुमार सिंह के अनुसार डाटा ट्रांसफर का काम चल रहा है। करीब 40 दिन का डाटा अभी शेष है। यह प्रक्रिया पूरी होते ही ई-नगर सेवा पोर्टल पर संबंधित सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी।
यानी अब यूपी में प्रॉपर्टी टैक्स के लिए अलग-अलग पोर्टल और सॉफ्टवेयर का झंझट खत्म होने वाला है। एक पोर्टल पर पूरी व्यवस्था आने से आम लोगों के लिए टैक्स से जुड़ी ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल आसान होने की उम्मीद है।



