- बच्चों ने भाषण, नात और नाटकीय झांकी के जरिए महात्मा गांधी के जीवन एवं विचारों को किया याद
- सत्य, अहिंसा, सेवा और स्वच्छता के मार्ग पर चलने का दिया संदेश
शाहबाज खां जिला संवाददाता रामपुर
रामपुर। मदरसा जमीअतुल अंसार में जमीअतुल अंसार फाउंडेशन के बैनर तले गांधी जयंती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता यासीन अंसारी ने की, जबकि संचालन मैनेजर एवं मुतवल्ली साआदत अली अंसारी ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत मदरसे के छात्र इकराम द्वारा नात-ए-पाक की प्रस्तुति से हुई। इसके बाद कक्षा चार और पांच के छात्र-छात्राओं ने हिंदी एवं अंग्रेजी में महात्मा गांधी के जीवन और उनके विचारों पर भाषण प्रस्तुत किए। बच्चों की प्रस्तुतियों को कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों एवं अभिभावकों ने खूब सराहा।
इसके बाद कक्षा चार, पांच और छह के छात्र-छात्राओं ने नाटकीय झांकी प्रस्तुत की। बच्चों ने अपनी-अपनी भूमिकाओं को प्रभावी ढंग से निभाते हुए महात्मा गांधी के जीवन और उनके संघर्षों को प्रस्तुत किया। झांकी को उपस्थित अतिथियों ने सराहा और बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
विशिष्ट अतिथि आबिद अली अंसारी ने बच्चों को 2 अक्टूबर के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, संघर्ष और देश के प्रति उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बच्चों से महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर देश और समाज के लिए सकारात्मक कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे साआदत अली अंसारी ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि हम सभी को अपने महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। गांधी जी ने सत्य, अहिंसा और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। हमें कभी सत्य, अहिंसा और सेवा का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए।
उन्होंने स्वच्छता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर, मोहल्ले और शहर को स्वच्छ रखने में योगदान देना चाहिए। स्वच्छ शरीर और स्वच्छ वातावरण का स्वस्थ मन से गहरा संबंध है। उन्होंने गांधी जी के विचारों को याद करते हुए कहा कि हमें उनके आदर्शों और देश के लिए किए गए त्याग को हमेशा याद रखना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया गया।
रिपोर्ट: शाहबाज़ खान, जिला संवाददाता, रामपुर


