- ऑनलाइन ओपीडी से लेकर ब्लड सेंटर तक परखी गईं व्यवस्थाएं, मरीजों के शत-प्रतिशत पर्चे आभा ऐप से बनाए जा रहे
- साफ-सफाई, दवाओं के रखरखाव और पोषण पुनर्वास केंद्र की व्यवस्था मिली संतोषजनक, जल्द होगा NQAS का स्टेट असेसमेंट
रामपुर। जिला चिकित्सालय में कायाकल्प अवार्ड योजना के तहत तीन सदस्यीय बाहरी मूल्यांकन टीम ने एक्सटर्नल असेसमेंट कर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने अस्पताल के विभिन्न विभागों में साफ-सफाई, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, ऑनलाइन ओपीडी, ब्लड सेंटर और दवाओं के रखरखाव की स्थिति परखी। निरीक्षण के दौरान कई व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताते हुए टीम ने चिकित्सालय के अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 11 बजे अस्पताल पहुंची टीम में संजीव राठौर, डीपीएम संभल, रविंद्र, प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर संभल और इलियास, साइकियाट्रिक सोशल वर्कर शामिल रहे। शुरुआत में टीम ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक और विभागीय प्रभारियों के साथ बैठक कर मूल्यांकन के निर्धारित मानकों पर चर्चा की। इसके बाद ब्लड सेंटर, ऑपरेशन थिएटर, पोषण पुनर्वास केंद्र, इमरजेंसी वार्ड, पंजीकरण कक्ष, पैथोलॉजी, स्टोर और औषधि केंद्र का निरीक्षण किया।
ब्लड सेंटर और पोषण पुनर्वास केंद्र की व्यवस्था की सराहना
निरीक्षण के दौरान ब्लड सेंटर की व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप मिलीं। ऑपरेशन थिएटर में टीम ने ऑपरेशन से पहले की तैयारियों और सुरक्षा संबंधी प्रक्रियाओं के बारे में स्टाफ से जानकारी ली। कर्मचारियों के संतोषजनक जवाब पर टीम ने उनकी सराहना की। वहीं, पोषण पुनर्वास केंद्र की व्यवस्थाओं से संतुष्ट होकर संबंधित कर्मचारियों को बधाई दी और बेहतर कार्य जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की प्रारंभिक जांच, उनकी स्थिति का आकलन और निर्धारित मानकों के अनुसार तत्काल उपचार शुरू करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। टीम ने बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की व्यवस्था भी देखी। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि इसके लिए बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2016 का पालन किया जा रहा है।
हर मरीज का पर्चा आभा ऐप से, छह डॉक्टर दे रहे ऑनलाइन परामर्श
पंजीकरण कक्ष में अभिलेखों की जांच के दौरान टीम को बताया गया कि चिकित्सालय में शत-प्रतिशत मरीजों के पर्चे आभा ऐप के माध्यम से ऑनलाइन बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा छह चिकित्सक ऑनलाइन ओपीडी के जरिए मरीजों को परामर्श दे रहे हैं। पैथोलॉजी विभाग में भी जांचों का पंजीकरण ऑनलाइन किया जा रहा है। स्टोर और औषधि केंद्र में दवाओं के व्यवस्थित भंडारण और उचित रखरखाव को भी टीम ने सराहा।
टीम ने कहा कि कायाकल्प अवार्ड योजना का उद्देश्य अस्पतालों में मरीजों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। मरीजों की अधिक संख्या के बावजूद जिला चिकित्सालय में साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को बनाए रखने के प्रयास सराहनीय हैं।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीसी सक्सेना ने मूल्यांकन टीम का आभार जताते हुए कहा कि अस्पताल के सभी अधिकारी और कर्मचारी मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय में जल्द ही एनक्यूएएस (NQAS) का स्टेट असेसमेंट भी प्रस्तावित है, जिसकी तैयारियां लगातार की जा रही हैं।
इस दौरान डॉ. प्रद्योत सिंह, विक्टोरिया, ललित मोहन, हरीश चंद्र, रेखा, कविता, अनुभव भारद्वाज, संजय, पवन सहित चिकित्सालय के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।



