- जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी बोले– नई तकनीक अपनाकर प्रशासनिक कार्यों में बढ़ाएं दक्षता, सटीकता और पारदर्शिता
रामपुर। सरकारी कामकाज को तेज, सरल और प्रभावी बनाने के लिए अब रामपुर प्रशासन भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की ओर कदम बढ़ा रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक से दक्ष बनाने के उद्देश्य से बुधवार को बरेली रोड स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन गवर्नेंस-सेंसिटाइजेशन’ विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (RUPAAM), लखनऊ के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने संस्थान का भ्रमण कर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संवाद किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान समय में प्रशासनिक कार्यों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की उपयोगिता लगातार बढ़ रही है। AI तकनीक के माध्यम से अधिकारी और कर्मचारी अपने दैनिक शासकीय कार्यों को कम समय में अधिक प्रभावी ढंग से पूरा कर सकते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को AI टूल्स के बेहतर इस्तेमाल में दक्षता हासिल करने और नई तकनीक को कार्यालयी कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाने के निर्देश दिए।
पत्र तैयार करने से लेकर दस्तावेज बनाने तक का मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
प्रशिक्षण सत्रों का संचालन RUPAAM के प्रशिक्षक हमजा नईम खान और आनंद कुमार यादव ने किया। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बताया कि सही प्रॉम्प्ट (निर्देश) देकर AI की मदद से सरकारी पत्रों का प्रारूप तैयार करने, विभिन्न दस्तावेज बनाने और कार्यालय से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य कम समय में पूरे किए जा सकते हैं।
प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को स्वयं AI टूल्स का इस्तेमाल कराते हुए व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इस दौरान सरकारी पत्र लिखने, प्रॉम्प्ट तैयार करने और अन्य कार्यालयी दस्तावेज बनाने का अभ्यास कराया गया। बताया गया कि जिम्मेदारीपूर्वक AI का उपयोग करने से कार्यों की गुणवत्ता, सटीकता और उत्पादकता में सुधार किया जा सकता है।
तकनीक आधारित सुशासन को मिलेगा बढ़ावा
कार्यक्रम के समापन पर राजकीय पॉलिटेक्निक के प्रधानाचार्य डीवी सिंह ने RUPAAM, प्रशिक्षकों, जिलाधिकारी और सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समन्वय संस्थान के प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिकारी सिमरत सिंह गिल ने किया।
प्रशिक्षण का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दैनिक कार्यालयी कार्यों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का जिम्मेदारीपूर्वक और प्रभावी उपयोग करेंगे, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता, दक्षता और तकनीक आधारित सुशासन को बढ़ावा मिल सके।



