रायबरेली में कांग्रेस की सियासत को नया ऑक्सीजन, सैकड़ो युवाओं ने थामा हाथ

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  • युवाओं के जुड़ाव से कांग्रेस संगठन में नई जान
  • बेरोज़गारी और महंगाई पर सरकार को घेरा
  • रायबरेली में फिर सक्रिय हुआ युवा वोट बैंक
  • आने वाले चुनावों से पहले सियासी हलचल तेज

गौरव श्रीवास्तव 
रायबरेली। जिले की राजनीति में एक बार फिर उबाल दिखाई देने लगा है। लंबे समय से शांत नजर आ रही कांग्रेस को रायबरेली के युवाओं ने नया संबल दे दिया है।

31 मार्च 2026 को बड़ी संख्या में युवाओं ने जिला कांग्रेस कमेटी रायबरेली की सदस्यता ग्रहण कर साफ संकेत दे दिया कि अब युवा चुप बैठने के मूड में नहीं है।
शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक के पढ़े-लिखे और जागरूक युवाओं का कांग्रेस से जुड़ना सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि मौजूदा सरकार के खिलाफ बढ़ते असंतोष का इशारा माना जा रहा है।

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खालिस सहाट, शक्ति नगर, अयोध्यापुरी, भीतर गांव, किला बाजार सहित कई इलाकों से युवाओं ने पार्टी का दामन थामा।
इस मौके पर नवागत कांग्रेस सदस्य सक्षम त्रिवेदी ने सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा,

“आज का युवा बेरोज़गारी, महंगाई और झूठे वादों से त्रस्त है। सरकार सिर्फ आंकड़ों और जुमलों की राजनीति कर रही है, जबकि ज़मीन पर हालात बद से बदतर हैं। नौजवानों को नौकरी नहीं, किसानों को राहत नहीं और आम आदमी को सिर्फ महंगाई मिली है। ऐसे में कांग्रेस ही एकमात्र विकल्प है जो युवाओं की आवाज़ संसद से सड़क तक उठाती है।”

सक्षम त्रिवेदी ने आगे कहा कि रायबरेली का युवा अब सब कुछ देख और समझ चुका है।

“हम डरने वाले नहीं हैं। आने वाले समय में युवा सरकार की नीतियों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगा।”

राजनीतिक जानकार मानते हैं कि रायबरेली हमेशा से कांग्रेस का मजबूत गढ़ रही है,लेकिन हाल के वर्षों में युवाओं की दूरी पार्टी के लिए चिंता का विषय थी।

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अब जिस तरह से युवा खुलकर कांग्रेस के साथ आ रहे हैं, उससे संगठन में नई ऊर्जा और विपक्षी दलों में बेचैनी साफ नजर आ रही है।
कांग्रेस पदाधिकारियों का दावा है कि यह सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में सैकड़ों और युवा कांग्रेस से जुड़ेंगे और जमीनी स्तर पर सरकार की नाकामियों को जनता के बीच उजागर करेंगे।

 

अब सवाल बड़ा है—
क्या रायबरेली का युवा एक बार फिर सत्ता की राजनीति को चुनौती देने जा रहा है?
इसके संकेत फिलहाल बेहद साफ दिखाई दे रहे हैं।

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