रायबरेली को मिली बड़ी सौगात: भीतरगांव समेत 10 ग्रामीण जल योजनाओं के मरम्मत कार्य को मंजूरी, करोड़ों रुपये होंगे खर्च

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  • ग्रामीण इलाकों में पेयजल आपूर्ति होगी और मजबूत, खराब पाइपलाइन व जलापूर्ति तंत्र की मरम्मत पर खर्च होंगे करोड़ों रुपये
  • भीतरगांव समेत 10 जल योजनाओं के पुनरुद्धार से हजारों ग्रामीणों को मिलेगा लाभ, पेयजल संकट से मिलेगी राहत
  • 2025 में ही हो चुका हैं टेंडर, मई 2026 में प्रोजेक्ट रिपोर्ट हो चुकी हैं अप्रूव 

गौरव श्रीवास्तव 

रायबरेली। जिले के ग्रामीण इलाकों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में बड़ी पहल करते हुए शासन ने 10 महत्वपूर्ण ग्रामीण जलापूर्ति एवं पंचायत आधारित योजनाओं के मरम्मत एवं संचालन (O&M) कार्यों के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी है। स्वीकृति मिलने के बाद अब इन योजनाओं में लंबे समय से लंबित मरम्मत कार्यों का रास्ता साफ हो गया है और जल्द ही धरातल पर काम शुरू होने की उम्मीद है।

जल निगम की ओर से जारी विवरण के अनुसार रायबरेली की विभिन्न ग्राम पंचायतों एवं जलापूर्ति योजनाओं में पंप हाउस, वितरण प्रणाली, राइजिंग मेन, क्लोरीनेशन यूनिट, विद्युत व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक संरचनाओं की मरम्मत कराई जाएगी। इन कार्यों के पूरा होने से हजारों ग्रामीण परिवारों को बेहतर और नियमित पेयजल आपूर्ति का लाभ मिलेगा।

सबसे अधिक धनराशि भीतरगांव पंचायत योजना के लिए स्वीकृत की गई है। इस योजना के मरम्मत कार्यों पर करीब 69.45 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं सेमर पहा पंचायत ग्रामीण जल योजना के लिए 67.23 लाख रुपये, कंदावां पंचायत ग्रामीण योजना के लिए 52.80 लाख रुपये, धुरी खेड़ा जलापूर्ति योजना के लिए 51.03 लाख रुपये तथा सलारपुर जलापूर्ति योजना के लिए 48.65 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।

इसके अलावा डिघिया जलापूर्ति योजना को 46.06 लाख रुपये, सुल्तानपुर खेड़ा पंचायत योजना को 26.43 लाख रुपये, कोरिहार पंचायत ग्रामीण योजना को 24.21 लाख रुपये, रसूलपुर ग्राम पंचायत योजना को 10.93 लाख रुपये तथा खरगापुर जलापूर्ति योजना को 3.35 लाख रुपये की मंजूरी मिली है।

इन योजनाओं में होंगे प्रमुख कार्य

स्वीकृत धनराशि से जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए कई जरूरी कार्य कराए जाएंगे। इनमें पंपिंग सिस्टम की मरम्मत, खराब मशीनों का प्रतिस्थापन, वितरण पाइपलाइन की मरम्मत, जलाशयों और ओवरहेड टैंकों की देखरेख, विद्युत उपकरणों का रखरखाव तथा जल गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए क्लोरीनेशन प्रणाली को मजबूत करना शामिल है।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार कई योजनाओं में समय के साथ उपकरणों के खराब होने और संरचनाओं के जर्जर होने के कारण पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही थी। मरम्मत कार्य पूरे होने के बाद इन समस्याओं का समाधान होगा और उपभोक्ताओं को नियमित जलापूर्ति मिल सकेगी।

स्वीकृत योजनाएं और लागत

योजना का नाम स्वीकृत लागत (लाख रुपये)
भीतरगांव पंचायत 69.45
सेमर पहा पंचायत ग्रामीण 67.23
कंदावां पंचायत ग्रामीण 52.80
धुरी खेड़ा जलापूर्ति 51.03
सलारपुर जलापूर्ति 48.65
डिघिया जलापूर्ति 46.06
सुल्तानपुर खेड़ा पंचायत 26.43
कोरिहार पंचायत ग्रामीण 24.21
रसूलपुर ग्राम पंचायत 10.93
खरगापुर जलापूर्ति 3.35

ग्रामीणों को मिलेगा सीधा लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि इन योजनाओं के पुनरुद्धार से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट की समस्या काफी हद तक कम होगी। गर्मी के मौसम में अक्सर पानी की आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। मरम्मत कार्य पूरे होने के बाद जलापूर्ति नेटवर्क अधिक सक्षम होगा और लोगों को समय पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा।

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शासन से वित्तीय मंजूरी मिलने के बाद अब संबंधित विभाग टेंडर और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा कर जल्द से जल्द निर्माण एवं मरम्मत कार्य शुरू कराने की तैयारी में जुट गया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान होगा और पेयजल व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

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