- कुलपति के स्वयं आंदोलन स्थल पर पहुंचने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान, अतिरिक्त शुल्क वृद्धि से लेकर परीक्षा परिणामों की अनियमितता तक उठाए सवाल
- विश्वविद्यालय की स्थायी जमीन, नियमित कक्षाएं, छात्र संघ चुनाव और छात्रावास की व्यवस्था सहित कई मांगों को लेकर SSAI का प्रदर्शन
मुंगेर, 2 नवंबर। मुंगेर विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं की विभिन्न शैक्षणिक एवं बुनियादी समस्याओं को लेकर सोशलिस्ट स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SSAI) का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल आंदोलन लगातार जारी है। विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर संगठन के विश्वविद्यालय अध्यक्ष श्रवण कुमार के नेतृत्व में छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक कुलपति स्वयं धरनास्थल पर पहुंचकर छात्र प्रतिनिधियों से वार्ता नहीं करते और उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेते, तब तक भूख हड़ताल समाप्त नहीं की जाएगी।
आंदोलन को समाप्त कराने के उद्देश्य से कुलसचिव, डीएसडब्ल्यू, प्रॉक्टर, सीसीडीसी और डिप्टी कंट्रोलर समेत कई विश्वविद्यालय पदाधिकारी धरनास्थल पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत की। हालांकि, आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। उनका कहना है कि केवल आश्वासन से समस्याओं का समाधान नहीं होगा, बल्कि प्रशासन को ठोस निर्णय लेना होगा।
अतिरिक्त शुल्क वृद्धि और परीक्षा परिणामों में अनियमितता की जांच की मांग
SSAI ने विश्वविद्यालय के लिए स्थायी जमीन का अधिग्रहण और शिलान्यास कराने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने तथा नियमित कक्षाओं के संचालन की मांग उठाई है। संगठन ने अतिरिक्त शुल्क में कथित वृद्धि का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया है। छात्रों के अनुसार, कुछ शुल्कों को 35 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये से अधिक किए जाने के मामले की जांच होनी चाहिए और अनुचित वृद्धि पर रोक लगनी चाहिए।
आंदोलनकारियों ने विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव शीघ्र कराने, छात्रावास की समुचित व्यवस्था एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही सभी महाविद्यालयों में पर्याप्त क्लासरूम, पुस्तकालय, प्रयोगशाला और कॉमन रूम जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया है।
छात्रों ने समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए छात्र जनता दरबार आयोजित करने तथा विश्वविद्यालय स्तर पर लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग भी रखी है।
SSAI के आंदोलनकारियों का कहना है कि यह लड़ाई किसी व्यक्तिगत हित के लिए नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय के हजारों छात्र-छात्राओं के भविष्य और बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए है। संगठन ने दोहराया कि जब तक कुलपति स्वयं आंदोलन स्थल पर पहुंचकर वार्ता नहीं करते और मांगों के समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं होती, तब तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रहेगी।



