- बोले– नीतीश कुमार के रहते बिहार में ‘ऑपरेशन लोटस-डिस्ट्रॉय’ का सपना संभव नहीं
पटना, 2 नवंबर 2026।
नेशन स्टेशन न्यूज़ के लिए पटना, बिहार से अभिजीत कुमार झा की ब्यूरो रिपोर्ट।
सोशलिस्ट पार्टी इंडिया के बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष विनय कुमार झा ने जदयू विधायक अनंत सिंह के छह वर्षों के लिए निष्कासन के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक दृष्टिकोण से दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। नेशन स्टेशन न्यूज़ के ब्यूरो चीफ अभिजीत कुमार झा के साथ लाइव साक्षात्कार में उन्होंने भाजपा, जदयू और राजद की राजनीतिक कार्यशैली पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। इस दौरान उन्होंने बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, दलों की विचारधारा और नेताओं की भूमिका को लेकर कई सवाल उठाए।
विनय कुमार झा ने कहा कि अनंत सिंह बिहार के उन नेताओं में शामिल हैं, जो अपनी बेबाकी और स्पष्टवादिता के लिए जाने जाते हैं। ऐसे नेता को छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित करना राजनीतिक रूप से दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इस फैसले को लेकर जदयू की राजनीतिक कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए।
संजय झा और ललन सिंह की भूमिका पर उठाए सवाल
जदयू के वरिष्ठ नेताओं संजय झा और ललन सिंह की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए विनय कुमार झा ने आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ नेता अपनी स्वतंत्र राजनीतिक विचारधारा और नीतियों के बजाय भाजपा के एजेंडे को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने दोनों नेताओं को भाजपा का संदेशवाहक बताते हुए कहा कि राजनीतिक दलों के नेताओं को अपनी पार्टी के सिद्धांतों और विचारधारा के प्रति जवाबदेह होना चाहिए।
नीतीश कुमार के रहते ‘ऑपरेशन लोटस-डिस्ट्रॉय’ असंभव : विनय झा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की राजनीतिक रणनीतियों पर निशाना साधते हुए विनय कुमार झा ने बिहार में जदयू को कमजोर करने या समाप्त करने की कथित कोशिशों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के रहते बिहार में जदयू को खत्म करने अथवा राजनीतिक रूप से कमजोर करने का सपना कभी पूरा नहीं हो सकता। उनके मुताबिक, कथित ‘ऑपरेशन लोटस-डिस्ट्रॉय’ की रणनीति बिहार में सफल नहीं होगी।
निर्दलीय प्रत्याशियों की सदस्यता पर भाजपा से मांगा जवाब
विनय कुमार झा ने निर्दलीय प्रत्याशी बंशीधर बिजवासी और राहुल राज के मामले को लेकर भी भाजपा से अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि इन दोनों की राजनीतिक विचारधारा और गतिविधियां भाजपा की घोषित नीतियों के अनुरूप नहीं हैं, तो पार्टी को उनकी सदस्यता के संबंध में तत्काल निर्णय लेना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भाजपा इस मामले में स्पष्ट कार्रवाई नहीं करती है, तो सोशलिस्ट पार्टी इंडिया के कार्यकर्ता पार्टी की कथित दोहरी और तिहरी राजनीतिक नीति को जनता के सामने उजागर करेंगे।
विचारधारा और जनता के प्रति जवाबदेही को बताया जरूरी
लाइव साक्षात्कार के दौरान विनय कुमार झा ने भाजपा, जदयू और राजद की नीतियों एवं राजनीतिक कार्यशैली की आलोचना की। उन्होंने कहा कि राजनीति में सिद्धांत, विचारधारा और जनता के प्रति जवाबदेही सर्वोपरि होनी चाहिए। सत्ता और राजनीतिक लाभ के लिए विचारधारा से समझौता करना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने समाजवादी विचारधारा को मजबूत करने, राजनीतिक पारदर्शिता बनाए रखने और आम जनता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
विनय कुमार झा के इन बयानों से बिहार की राजनीति में जदयू के आंतरिक समीकरणों और भाजपा की रणनीतियों को लेकर बहस तेज होने की संभावना है। अब संबंधित राजनीतिक दलों और नेताओं की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।



