- जमीन विवाद के मुकदमे से नाम हटाने के बदले कथित सौदेबाजी का ऑडियो आया सामने
- डीआईजी कलानिधि नैथानी ने लिया मामले का संज्ञान, विभागीय जांच के आदेश
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में रिश्वत मांगने के गंभीर आरोपों के बाद पुलिस विभाग में कार्रवाई हुई है। मवाना खुर्द चौकी प्रभारी विकास कुमार, दरोगा नीरज कुमार और हेड कांस्टेबल सचिन कुमार को निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि जमीन विवाद से जुड़े एक मुकदमे में आरोपियों के नाम हटाने के बदले 20 हजार रुपये की मांग की गई थी। मामले से जुड़ी कथित बातचीत का ऑडियो सामने आने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने प्रकरण का संज्ञान लिया और विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए।
जमीन विवाद की विवेचना में रुपये मांगने का आरोप
मामला मवाना क्षेत्र के पहाड़पुर गांव से जुड़ा है, जहां जमीन के दस्तावेजों में कथित हेराफेरी को लेकर मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोप है कि मामले की विवेचना के दौरान संबंधित पुलिसकर्मियों ने मुकदमे से आरोपियों के नाम हटाने के बदले 20 हजार रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता पक्ष के मुताबिक, कथित बातचीत को रिकॉर्ड कर अधिकारियों तक पहुंचाया गया। मामले में राज्यमंत्री दिनेश खटीक से भी न्याय की गुहार लगाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, रिश्वत मांगने के आरोपों की पुष्टि विभागीय जांच के निष्कर्षों के बाद ही हो सकेगी।
डीआईजी के निर्देश पर कार्रवाई, जांच के बाद तय होगी आगे की दिशा
कथित ऑडियो और शिकायत के सामने आने के बाद डीआईजी कलानिधि नैथानी ने मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद चौकी प्रभारी विकास कुमार, दरोगा नीरज कुमार और हेड कांस्टेबल सचिन कुमार को निलंबित कर दिया गया। साथ ही प्रकरण की विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच में आरोपों, उपलब्ध रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। इस मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली और विवेचना की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।



