यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस ने EBC पर साधा निशाना, राहुल गांधी-खड़गे को भेजा प्रस्ताव
25 करोड़ तक के सरकारी ठेकों में 50% हिस्सेदारी समेत कई मांगें
ब्यूरो रिपोर्ट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस ने पिछड़े और अतिपिछड़े वर्गों को लेकर अपना सियासी एजेंडा तेज कर दिया है। पार्टी के OBC विभाग ने उत्तर प्रदेश में ‘अतिपिछड़ा अत्याचार निवारण अधिनियम’ बनाने का प्रस्ताव तैयार कर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भेजा है। प्रस्ताव में SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की तर्ज पर अतिपिछड़े वर्ग को कानूनी सुरक्षा देने की बात कही गई है।
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*केवल कानून नहीं, हिस्सेदारी बढ़ाने का भी प्रस्ताव*
कांग्रेस के प्रस्ताव में अतिपिछड़ों के लिए कानूनी सुरक्षा के साथ-साथ सरकारी संसाधनों में हिस्सेदारी बढ़ाने से जुड़े मुद्दे भी शामिल बताए गए हैं। इनमें ₹25 करोड़ तक के सरकारी ठेकों में OBC और अतिपिछड़े वर्ग के लिए 50 प्रतिशत हिस्सेदारी, भूमिहीन अतिपिछड़े परिवारों को आवासीय जमीन उपलब्ध कराने और आबादी के अनुपात में OBC आरक्षण बढ़ाने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।
पार्टी के OBC विभाग की ओर से यह पहल बिहार में उठाए गए अतिपिछड़ा एजेंडे की तर्ज पर आगे बढ़ाने की बात सामने आई है। हालांकि यूपी के लिए प्रस्ताव को कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की अंतिम मंजूरी मिलना अभी बाकी है। इसलिए इसे फिलहाल प्रस्तावित चुनावी एजेंडा माना जाना चाहिए, अंतिम घोषित कानून या लागू नीति नहीं।
*OBC एक्ट या EBC कानून? शब्दों के फर्क पर नजर*
इस पूरे प्रस्ताव में एक महत्वपूर्ण अंतर है। राजनीतिक चर्चाओं में इसे ‘OBC एक्ट’ कहा जा रहा है, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार कांग्रेस के प्रस्ताव का मुख्य फोकस EBC यानी अतिपिछड़ा वर्ग है। यानी इसे सीधे पूरे OBC समुदाय के लिए कानून के रूप में पेश करना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं होगा।
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दूसरी ओर, यूपी कांग्रेस के OBC विभाग ने अलग से 2027 की जनगणना में OBC के लिए अलग कॉलम, जातियों की मानकीकृत सूची और SC/ST एक्ट की तर्ज पर OBC अत्याचार निवारण कानून की मांग को लेकर आंदोलन का ऐलान भी किया है। विभाग ने चार अक्टूबर तक मांगें पूरी न होने पर पांच अक्टूबर को राजभवन घेराव की चेतावनी दी है।
*अब नजर सपा के रुख पर*
कांग्रेस की इस पहल के बीच सबसे बड़ा राजनीतिक सवाल यह है कि समाजवादी पार्टी इस प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाती है? कांग्रेस और सपा दोनों विपक्षी राजनीति में साथ रहे हैं, लेकिन इस विशेष प्रस्तावित कानून पर सपा की ओर से समर्थन की कोई अंतिम आधिकारिक घोषणा उपलब्ध रिपोर्टों में सामने नहीं आई है।
ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पिछड़े-अतिपिछड़े वर्गों को लेकर दोनों दलों की रणनीति और आपसी तालमेल पर नजर रहेगी। कांग्रेस के प्रस्ताव को अंतिम चुनावी घोषणा-पत्र में जगह मिलती है या नहीं और सपा इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है, यह आगे की राजनीति में महत्वपूर्ण होगा।
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स्पष्ट स्थिति: कांग्रेस ने अभी यूपी में OBC/EBC कानून लागू नहीं किया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कांग्रेस के OBC विभाग ने SC/ST एक्ट की तर्ज पर अतिपिछड़ा अत्याचार निवारण कानून का प्रस्ताव शीर्ष नेतृत्व को भेजा है। अंतिम मंजूरी और घोषणा-पत्र में शामिल होने की स्थिति अभी बाकी है।


