- मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी को लेकर फर्रुखाबाद में सपा की प्रेसवार्ता, नाम काटे जाने पर उठाए सवाल
- जिलाध्यक्ष बोले—मृत दिखाए गए कई मतदाता खुद को बता रहे जीवित, पूरे मामले की हो जांच
फर्रुखाबाद। समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय, आवास विकास में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी नेताओं ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। सपा नेताओं ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और पात्र मतदाताओं के नाम काटे जाने का मुद्दा उठाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
सपा जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के दौरान कई ऐसे लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए, जिन्हें अभिलेखों में मृत घोषित कर दिया गया है, जबकि संबंधित लोग स्वयं को जीवित बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी जीवित व्यक्ति का नाम मृतक के रूप में दर्ज कर मतदाता सूची से हटाया गया है तो यह गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
पार्टी नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता सूची चुनाव की बुनियादी आधारशिला है। यदि पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटते हैं तो उनके मतदान के अधिकार पर सीधा असर पड़ सकता है। सपा ने चुनाव आयोग से कथित अनियमितताओं की जांच कराने और मतदाता सूची को पारदर्शी तरीके से दुरुस्त करने की मांग की।
‘लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हों’
सपा नेता सरल दुबे ने पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव का समर्थन करते हुए कहा कि “अखिलेश यादव कलयुग के कन्हैया हैं और ब्राह्मण समाज उनके साथ है।” उन्होंने कार्यकर्ताओं और आम लोगों से लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की।
प्रेसवार्ता में शाहजहांपुर के पूर्व विधायक अवधेश कुमार वर्मा, डॉ. जितेंद्र सिंह यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारुकी सहित अन्य सपा नेता मौजूद रहे। नेताओं ने मतदाता सूची में सामने आई बताई जा रही अनियमितताओं को दूर कर निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित किए जाने पर जोर दिया।
सपा नेताओं द्वारा लगाए गए आरोप पार्टी के दावे हैं। मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग तथा भाजपा का पक्ष इस खबर में उपलब्ध नहीं है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड और जांच के आधार पर ही की जा सकती है।


