मारपीट के बाद न्यायालय कर्मचारी की मौत, कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठे कर्मचारी

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  • परिजनों ने पुलिस पर लगाया तहरीर के बावजूद मुकदमा दर्ज न करने का आरोप
  • एसओ और हल्का इंचार्ज पर कार्रवाई की मांग, सीओ ने जांच कर रिपोर्ट भेजने की कही बात

मोहम्मद इसरार जिला संवाददाता 

फर्रुखाबाद। राजेपुर थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव में न्यायालय कर्मचारी अमित मिश्रा की मौत के बाद बुधवार को हंगामा खड़ा हो गया। मौत की खबर मिलते ही न्यायालय कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट के बाहर धरना शुरू कर दिया और राजेपुर थाना प्रभारी तथा संबंधित हल्का इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।

परिजनों के मुताबिक, 27 सितंबर को अमित मिश्रा ड्यूटी से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में अज्ञात लोगों ने उनके साथ मारपीट की। घटना के बाद परिजनों ने राजेपुर थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी थी। आरोप है कि तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया और मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।

परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद से अमित मिश्रा मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। इसी बीच उनकी तबीयत बिगड़ी और हार्ट अटैक आने के बाद उनकी मौत हो गई। अमित मिश्रा की मौत की जानकारी मिलते ही न्यायालय कर्मचारियों में रोष फैल गया और उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कलेक्ट्रेट के बाहर धरना शुरू कर दिया।

धरने पर बैठे कर्मचारियों और परिजनों की मांग है कि 27 सितंबर को हुई कथित मारपीट की घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही तहरीर मिलने के बावजूद मुकदमा दर्ज न करने के आरोप की जांच कर राजेपुर थाना प्रभारी और हल्का इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

वहीं, मामले को लेकर सीओ ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। फिलहाल मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अमित मिश्रा की मौत का कारण क्या रहा और 27 सितंबर की कथित मारपीट की घटना का उनकी मौत से कोई चिकित्सकीय संबंध था या नहीं।

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