- 80 लाख की चोरी में था वांछित, महिला सिपाही से एक महीने तक फेसबुक पर हुई बातचीत
- मिलने के लिए हरिद्वार पहुंचते ही पुलिस ने घेरा, 10 हजार रुपये का था इनाम
मेरठ। चार साल से पुलिस की गिरफ्त से दूर चल रहे 80 लाख रुपये की चोरी के मामले में वांछित नेपाली आरोपी को मेरठ पुलिस ने हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए महिला सिपाही के जरिए फेसबुक पर संपर्क साधा गया। करीब एक महीने तक बातचीत के बाद आरोपी को हरिद्वार बुलाया गया, जहां पहले से तैनात पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान लाल भीम भूल, निवासी लेकोट, थाना वायल, जनपद डोटी, नेपाल के रूप में हुई है। आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
फेसबुक पर दोस्ती, फिर हरिद्वार में गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक लाल भीम नेपाल में रह रहा था और भारत आने से बच रहा था। आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस टीम ने एक महिला सिपाही के माध्यम से फेसबुक पर उससे संपर्क स्थापित किया। महिला सिपाही ने कथित तौर पर खुद को हरिद्वार निवासी बताया। दोनों के बीच मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान हुआ और करीब एक महीने तक बातचीत होती रही।
इसके बाद महिला सिपाही ने आरोपी को मिलने के लिए हरिद्वार बुलाया। पुलिस का कहना है कि लाल भीम नेपाल से हरिद्वार पहुंचा और महिला सिपाही से मिलने के दौरान पहले से तैनात पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
बेटी की मंगनी में परिवार गया था दिल्ली
मामला 20 नवंबर 2022 का है। पुलिस के अनुसार टीपीनगर थाना क्षेत्र के कमला नगर निवासी ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं बिल्डर प्रदीप गुप्ता का परिवार बेटी सांची गुप्ता की मंगनी में शामिल होने दिल्ली के ताज होटल गया था।
घर की सुरक्षा के लिए गार्ड मनोज और नेपाली नौकर बल बहादुर को छोड़ा गया था। आरोप है कि बल बहादुर ने गार्ड को खीर में नशीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया। इसके बाद उसने कथित तौर पर अपने साथियों को बुलाया और घर से करीब 80 लाख रुपये के आभूषण व नकदी चोरी कर फरार हो गया।
पुलिस और एसटीएफ की कार्रवाई में मामले से जुड़े लक्ष्मण और नरेश कुमार को गिरफ्तार किया जा चुका था। पुलिस के मुताबिक लाल भीम भी इसी गिरोह से जुड़ा हुआ था।
वारदात से तीन दिन पहले ही आया था नौकर
पुलिस के अनुसार बल बहादुर वारदात से महज तीन दिन पहले प्रदीप गुप्ता के घर आया था। इससे पहले उसे अमन सिद्धू की एजेंसी के माध्यम से कार्यालय में नौकरी मिली थी। बेटी की शादी के चलते उसे घर के काम की जिम्मेदारी दी गई थी।
पुलिस का कहना है कि उसने कम समय में परिवार का विश्वास हासिल कर लिया और परिवार के दिल्ली जाने के बाद अपने साथियों को बुलाकर कथित तौर पर चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
मामले में एक अन्य 10 हजार रुपये का इनामी आरोपी सुरेंद्र कटवाल उर्फ बिलकिट अभी फरार बताया जा रहा है।
चार साल बाद गिरफ्तारी से फिर खुली पुरानी फाइल
लाल भीम की गिरफ्तारी के बाद 2022 की इस चोरी के मामले में फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस को अहम सफलता मिली है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर चोरी की रकम और आभूषणों के संबंध में जानकारी जुटाने के साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।


