- दूध, तेल और मसालों में मिलावट को बताया गंभीर खतरा, कैंसर व हार्ट अटैक जैसी बीमारियों पर जताई चिंता
- खाद्य सुरक्षा विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप, अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने की भी की अपील
मोहम्मद इसरार जिला संवाददाता
फर्रुखाबाद। दीपावली के त्योहार पर खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। समाजवादी पार्टी के निवर्तमान प्रदेश सचिव डॉ. जितेंद्र सिंह यादव ने खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि जब बच्चे ही स्वस्थ नहीं होंगे तो देश स्वस्थ कैसे रहेगा? उन्होंने कहा कि आज आम आदमी जिस दूध को पौष्टिक समझकर अपने बच्चों को पिला रहा है, उसमें भी यूरिया और अन्य हानिकारक तत्वों की मिलावट की आशंका बनी रहती है। तेल और मसालों में भी कीटनाशकों के इस्तेमाल तथा अवशेषों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
डॉ. यादव ने कहा कि खेती से लेकर खाद्य पदार्थों की बिक्री तक रसायनों और कीटनाशकों का अत्यधिक इस्तेमाल लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। लंबे समय तक ऐसे पदार्थों के संपर्क में रहने से शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। उन्होंने खानपान और अनियमित दिनचर्या को गंभीर बीमारियों का एक महत्वपूर्ण कारण बताते हुए कैंसर और हार्ट अटैक जैसी बीमारियों को लेकर चिंता व्यक्त की।
घर-घर तक पहुंचे खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता अभियान
स्थानीय स्तर पर बचाव के उपाय बताते हुए डॉ. यादव ने कहा कि सरकार की ओर से जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, लेकिन इनका लाभ तभी मिलेगा जब जानकारी घर-घर तक पहुंचेगी। विशेष रूप से महिलाओं और माताओं को पौष्टिक भोजन, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावटी सामान की पहचान के प्रति जागरूक करना जरूरी है, क्योंकि परिवार के खानपान की जिम्मेदारी मुख्य रूप से उन्हीं के पास होती है।
उन्होंने मांग की कि बाजारों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों और उनके कच्चे माल की नियमित जांच होनी चाहिए। खाद्य सुरक्षा विभाग को दुकानों से नमूने लेकर उनकी प्रयोगशालाओं में जांच करानी चाहिए और मिलावट पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि किसी भी नागरिक की थाली तक मिलावटी खाद्य पदार्थ न पहुंच सके।
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
डॉ. यादव ने खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अधिकारी इस गंभीर समस्या पर अपेक्षित ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने राजनीतिक टिप्पणी करते हुए कहा कि इसका समाधान सरकार बदलने और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने में है। उनके मुताबिक, अखिलेश यादव से जवाब भी मिलेगा और जमीन पर काम भी दिखाई देगा।
डॉ. यादव के बयान ने त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की शुद्धता, बाजारों में निगरानी और आम लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।



