- लंबित राजस्व मामलों के निस्तारण में सुस्ती पर गिरी गाज, पांच तहसीलदार तत्काल प्रभाव से निलंबित
- 13 तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस, सीएम ने समयबद्ध निस्तारण के दिए थे निर्देश
- लंबित मामलों के निस्तारण में सुस्ती पर बड़ी कार्रवाई, 13 तहसीलदार व नायब तहसीलदारों को नोटिस
- सीएम ने समीक्षा में दिए थे तेजी से वाद निस्तारण के निर्देश, राजस्व परिषद ने की कार्रवाई
लखनऊ। राजस्व वादों के निस्तारण में लापरवाही और उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राजस्व परिषद ने कार्रवाई करते हुए पांच तहसीलदारों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा 13 तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
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मुख्यमंत्री ने हाल ही में लंबित राजस्व वादों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को मामलों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने स्पष्ट किया था कि राजस्व वादों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने और कार्य में उदासीनता बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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सरकार की प्राथमिकता लंबित राजस्व मामलों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण कर आम लोगों को राहत पहुंचाना है। समीक्षा के दौरान जिन अधिकारियों के कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं मिली, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।
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राजस्व परिषद की ओर से संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर उनसे लापरवाही के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। शासन ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि राजस्व मामलों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


