आपसी सहमति से विवाद सुलझे, 25.40 करोड़ रुपये से अधिक के अवॉर्ड पास
बठिंडा, तलवंडी और फूल में 21 लोक अदालत बेंचों ने मामलों की सुनवाई की
सुरेश रहेजा, प्रवीण कुमार, साहिल रहेजा
बठिंडा, 13 सितंबर। पंजाब स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी, एसएएस नगर के निर्देशों तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश-कम-चेयरमैन, जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण बठिंडा करुणेश कुमार के दिशा-निर्देशन में शनिवार को बठिंडा में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।
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जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण की सचिव बलजिंदर कौर मान के नेतृत्व में सेशंस डिवीजन बठिंडा तथा सब-डिवीजन तलवंडी और फूल के अंतर्गत आने वाली विभिन्न न्यायिक अदालतों में मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया गया।
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*26,313 मामले सुनवाई के लिए रखे गए*
नेशनल लोक अदालत के लिए बठिंडा, तलवंडी और फूल में न्यायिक अधिकारियों की कुल 21 लोक अदालत बेंच गठित की गई थीं। लोक अदालत में आपराधिक मामलों, चेक बाउंस, बैंक मामलों, दुर्घटना मुआवजा मामलों और पारिवारिक विवादों के साथ-साथ प्री-लिटिगेशन मामलों को भी सुनवाई के लिए रखा गया।
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इनमें बैंक रिकवरी, जलापूर्ति और श्रम से जुड़े मामलों सहित कुल 26,313 मामले सुनवाई के लिए रखे गए थे। इनमें से 24,420 मामलों का दोनों पक्षों की आपसी सहमति से निपटारा किया गया। इन मामलों में कुल 25,40,25,295 रुपये के अवॉर्ड पास किए गए।
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*समय और धन की बचत, आपसी विवाद भी खत्म*
अधिकारियों ने बताया कि नेशनल लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य दोनों पक्षों की आपसी सहमति से विवादों का समाधान कराना है। इससे पक्षकारों का कीमती समय और पैसा बचता है तथा लंबे समय से चले आ रहे विवादों के कारण पैदा हुई आपसी दुश्मनी को भी कम करने में मदद मिलती है।
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लोक अदालत के माध्यम से निपटाए गए मामलों की खास बात यह है कि आपसी सहमति से पारित अवॉर्ड के खिलाफ सामान्य तौर पर आगे अपील का प्रावधान नहीं होता। इससे विवाद को स्थायी रूप से समाप्त करने में मदद मिलती है।
इसके अलावा लोक अदालत के माध्यम से निपटाए गए मामलों में जमा की गई कोर्ट फीस भी वापस किए जाने का प्रावधान है। अधिकारियों ने लोगों से अपने विवादों को आपसी सहमति और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से शीघ्र सुलझाने के लिए लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की।





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