- मारपीट और बेटे पर पत्थर से हमला करने का आरोप, न्यायालय के आदेश पर बिसंडा पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
अरविंद श्रीवास्तव, जिला संवाददाता
बांदा। बिसंडा थाना क्षेत्र के पवई गांव में महिला और उसके पुत्र के साथ मारपीट तथा जान से मारने की धमकी देने के मामले में न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। महिला का आरोप है कि घटना के बाद शिकायत के बावजूद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की, जिसके बाद उसे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
रास्ता रोककर मारपीट का आरोप, बीच-बचाव करने पहुंचे बेटे पर भी हमला
पवई गांव निवासी सावित्री देवी पत्नी धर्मेंद्र ने न्यायालय में दिए प्रार्थनापत्र में बताया कि बीती 29 मई की शाम करीब छह बजे वह शौच के लिए जा रही थीं। आरोप है कि गांव के स्कूल के पास ललिता, माया और ममता ने उनका रास्ता रोक लिया और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी।
सावित्री के शोर मचाने पर उनका पुत्र अंकुर मौके पर पहुंचा और बीच-बचाव करने लगा। आरोप है कि इसी दौरान गांव के घनश्याम, अजय और राजकुमार ने अंकुर के साथ मारपीट की। आरोप के मुताबिक घनश्याम, अजय और राजकुमार ने उसके दाहिने हाथ में दांत से काट लिया, जबकि अजय ने सिर पर पत्थर से वार कर दिया। इससे अंकुर के सिर में चोट लगने के साथ खून बहने लगा।
पुलिस से लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल तक की शिकायत, फिर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
आरोप है कि कुछ देर बाद सावित्री के पति के मौके पर पहुंचने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से चले गए। घटना की सूचना डायल-112 पर दी गई। इसके बाद पुलिस ने सावित्री और अंकुर का बिसंडा स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय परीक्षण कराया, जहां से दोनों को जिला अस्पताल बांदा रेफर किया गया।
सावित्री का आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय उनके स्वजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपमहानिरीक्षक और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की। कार्रवाई न होने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली।
न्यायालय के आदेश पर रविवार को बिसंडा पुलिस ने ललिता, माया, ममता, घनश्याम, अजय और राजकुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
थानाध्यक्ष सीपी तिवारी ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आरोपितों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


