सूखा धान लेकर मंडियों में आएं किसान, खरीद में नहीं होगी परेशानी: डीसी राजेश धीमान

Picture of nationstationnews

nationstationnews

 

  • बठिंडा जिले में 23,089 मीट्रिक टन धान की आवक, अब तक 14,241 मीट्रिक टन की खरीद
  • रामपुरा फूल मंडी का दौरा कर डिप्टी डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा

बठिंडा, 16 अक्टूबर। (सुरेश रहेजा, प्रवीण कुमार, साहिल रहेजा)

बठिंडा। किसानों को धान की बिक्री के दौरान मंडियों में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए डिप्टी कमिश्नर राजेश धीमान ने किसानों से अपनी फसल अच्छी तरह सुखाकर मंडियों में लाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि धान में निर्धारित मानकों के अनुसार नमी होने से सरकारी खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी करने में मदद मिलती है। किसानों को चाहिए कि वे नियमों का पालन करते हुए ही अपनी फसल मंडियों में लेकर आएं।

डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि चालू खरीफ विपणन सीजन के दौरान बठिंडा जिले की मंडियों में धान की आवक लगातार जारी है। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए खरीद और लिफ्टिंग के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।

14 अक्टूबर तक 23,089 मीट्रिक टन धान की आवक

प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, 14 अक्टूबर तक बठिंडा जिले की मंडियों में कुल 23,089 मीट्रिक टन धान की आवक दर्ज की गई। इसमें 14 अक्टूबर को एक दिन में 6,424 मीट्रिक टन धान मंडियों में पहुंचा। विभिन्न सरकारी खरीद एजेंसियों की ओर से अब तक 14,241 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। वहीं, 14 अक्टूबर को 2,633 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई।

धान की लिफ्टिंग के संबंध में डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि 14 अक्टूबर को 2,492 मीट्रिक टन धान मंडियों से उठाया गया, जबकि अब तक कुल 5,685 मीट्रिक टन धान की लिफ्टिंग हो चुकी है। उन्होंने कहा कि खरीद और उठान की प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं।

रामपुरा फूल मंडी में खरीद व्यवस्था का निरीक्षण

इसी बीच, डिप्टी डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट रामपुरा फूल एस. बलकरन सिंह माहल ने रामपुरा फूल मंडी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने धान की आवक, खरीद और लिफ्टिंग से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को खरीद प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से संचालित करने तथा किसानों की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे धान को अच्छी तरह सुखाकर और निर्धारित नमी मानकों का ध्यान रखते हुए मंडियों में लाएं, ताकि खरीद प्रक्रिया में देरी और अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।

बठिंडा से सुरेश रहेजा, प्रवीण कुमार एवं साहिल रहेजा की रिपोर्ट।

[wps_visitor_counter]