- 32,257 मीट्रिक टन धान की आवक, अब तक 21,626 मीट्रिक टन की खरीद
- बाहरी राज्यों से धान की आवक रोकने के लिए जिले की सीमाओं पर नाकाबंदी, नियम तोड़ने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
बठिंडा, 17 अक्टूबर। (सुरेश रहेजा, प्रवीण कुमार, साहिल रहेजा)
बठिंडा जिले की अनाज मंडियों में धान की खरीद और उठान की प्रक्रिया जारी है। इसी बीच डिप्टी कमिश्नर राजेश धीमान और जिला पुलिस प्रमुख सुहैल कासिम मीर ने बठिंडा अनाज मंडी का दौरा कर खरीद व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान डिप्टी कमिश्नर ने संबंधित खरीद एजेंसियों को धान की खरीद, तौल और लिफ्टिंग के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
डिप्टी कमिश्नर राजेश धीमान ने बताया कि 16 अक्टूबर को जिले की मंडियों में 6,559 मीट्रिक टन धान की आवक दर्ज की गई। इसके साथ ही जिले में धान की कुल आवक बढ़कर 32,257 मीट्रिक टन हो गई है। उन्होंने कहा कि खरीद एजेंसियां धान खरीद की प्रक्रिया में लगी हुई हैं और मंडियों में व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पनग्रेन ने सबसे अधिक 10,999 मीट्रिक टन धान खरीदा
प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक कुल 21,626 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। इसमें पनग्रेन ने 10,999 मीट्रिक टन, मार्कफेड ने 2,355 मीट्रिक टन, पनसप ने 5,783 मीट्रिक टन और पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन ने 2,489 मीट्रिक टन धान खरीदा है।
डिप्टी कमिश्नर ने खरीद एजेंसियों को निर्देश दिया कि फसल की खरीद के साथ-साथ उसकी तौल और मंडियों से उठान की प्रक्रिया भी तेज की जाए। इसका उद्देश्य मंडियों में धान का अनावश्यक जमाव रोकना और किसानों के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराना है।
बाहरी राज्यों से धान लाने वाले वाहनों पर रहेगी नजर
जिला पुलिस प्रमुख सुहैल कासिम मीर ने बताया कि बाहरी राज्यों से धान की आवक रोकने के लिए जिले की सीमाओं पर चेकपॉइंट और नाकाबंदी की व्यवस्था की गई है। पुलिस की ओर से वाहनों की निगरानी की जा रही है, ताकि स्थानीय किसानों की फसल खरीद व्यवस्था प्रभावित न हो।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि बाहरी राज्यों से धान लाने वाला कोई वाहन जिले की सीमा में पकड़ा जाता है, तो मामले के तथ्यों और लागू नियमों के अनुसार उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने खरीद एजेंसियों और संबंधित विभागों को धान खरीद सीजन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने तथा खरीद, तौल और उठान के कार्यों में तेजी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।



