- अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस पर पुलिस लाइन में प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित
- प्रशिक्षक अपराजिता पांडेय को उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
अरविन्द श्रीवास्तव, जिला संवाददाता
बांदा। अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन बांदा में अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज की अध्यक्षता में अखिल उत्तर प्रदेश बधिर संस्था के सहयोग से विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण देकर श्रवणबाधित नागरिकों के साथ संवाद में आने वाली बाधाओं को दूर करना और पुलिस सेवाओं को अधिक समावेशी एवं प्रभावी बनाना रहा।
कार्यशाला में नेहरू ग्राम भारती विश्वविद्यालय, प्रयागराज से आईं सांकेतिक भाषा अनुवादक (इंटरप्रेटर) अपराजिता पांडेय ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सांकेतिक भाषा का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को सांकेतिक भाषा की बुनियादी जानकारी देने के साथ विभिन्न परिस्थितियों में श्रवणबाधित नागरिकों से संवाद स्थापित करने का अभ्यास भी कराया गया।
श्रवणबाधित नागरिकों की शिकायतें समझने पर जोर
प्रशिक्षण में पुलिसकर्मियों को बताया गया कि सांकेतिक भाषा का ज्ञान होने से श्रवणबाधित नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर उन्हें समय पर उचित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने में भी सुविधा होगी।
हर वर्ग तक सुरक्षा और न्याय पहुंचाना पुलिस का दायित्व
अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक सुरक्षा और न्याय की सेवाएं पहुंचाना पुलिस का दायित्व है। उन्होंने कहा कि सांकेतिक भाषा जैसे प्रशिक्षण पुलिस और श्रवणबाधित नागरिकों के बीच संवाद की बाधाओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान पुलिसकर्मियों की कार्यशैली में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ उन्हें दिव्यांग नागरिकों के प्रति और अधिक संवेदनशील बनाएगा।
कार्यशाला के समापन अवसर पर क्षेत्राधिकारी सदर प्रतिज्ञा सिंह ने उत्कृष्ट प्रशिक्षण एवं पुलिसकर्मियों को सांकेतिक भाषा सिखाने में सराहनीय योगदान के लिए सांकेतिक भाषा अनुवादक अपराजिता पांडेय को पुलिस अधीक्षक बांदा की ओर से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।


