- छात्रों को डिजिटल माध्यम से प्रयोगों के संचालन और आधुनिक तकनीकों की दी जानकारी
- वर्चुअल लैब के विकास, कोड मैनेजमेंट और बैकएंड इंप्लीमेंटेशन पर हुआ प्रशिक्षण
अरविंद श्रीवास्तव, जिला संवाददाता
बांदा। राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए वर्चुअल लैब के निर्माण, विकास एवं संचालन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को वर्चुअल लैब की अवधारणा, आभासी माध्यम से प्रयोगों के संचालन तथा आधुनिक तकनीकों के जरिए प्रयोगात्मक शिक्षा की संभावनाओं से परिचित कराना रहा।
संस्थान के निदेशक प्रो. दीपेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों को वर्चुअल लैब की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्चुअल लैब एक आधुनिक डिजिटल शैक्षणिक मंच है, जिसके माध्यम से कंप्यूटर और इंटरनेट की सहायता से विभिन्न तकनीकी एवं वैज्ञानिक प्रयोगों को आभासी वातावरण में संचालित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्चुअल लैब प्रयोगात्मक शिक्षा को अधिक सुलभ, संवादात्मक और व्यावहारिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
वर्चुअल लैब के विकास और उपयोगिता की दी जानकारी
कार्यशाला के मुख्य वक्ता एवं कुलसचिव डा. आशुतोष तिवारी ने विद्यार्थियों को वर्चुअल लैब के विकास, उपयोगिता और इसमें इस्तेमाल होने वाली आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने वर्चुअल लैब के निर्माण से लेकर उसके संचालन तक की प्रक्रिया को विद्यार्थियों के सामने विस्तार से रखा।
कार्यशाला के प्रथम सत्र में तृतीय वर्ष के छात्र आकाश ने वर्चुअल लैब के विकास एवं प्रोडक्शन से संबंधित जानकारी साझा की। इस दौरान रिपॉजिटरी, वर्जन कंट्रोल, ब्रांच, कोड मैनेजमेंट और टीम कोलैबोरेशन जैसी तकनीकी प्रक्रियाओं को व्यावहारिक तरीके से समझाया गया।
द्वितीय सत्र में तृतीय वर्ष के छात्र प्रकाश ने वर्चुअल लैब की कार्यप्रणाली का प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रयोग के विभिन्न चरणों, इनपुट-आउटपुट प्रक्रिया, सिमुलेशन तथा वास्तविक प्रयोगों को डिजिटल वातावरण में प्रदर्शित करने की प्रक्रिया समझाई।
इसके साथ ही विद्यार्थियों को वर्चुअल लैब के मॉडल के बैकएंड इंप्लीमेंटेशन का प्रशिक्षण भी दिया गया। विजुअल मॉडल को सॉफ्टवेयर के साथ इंटीग्रेट करने, इंटरैक्टिव एलिमेंट्स, यूजर इनपुट और एप्लीकेशन लॉजिक के माध्यम से प्रयोगों को फंक्शनल बनाने की प्रक्रिया से विद्यार्थियों को अवगत कराया गया।
कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को वर्चुअल लैब की तकनीकी संरचना और उसके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी मिली। इससे विद्यार्थियों में डिजिटल तकनीकों के माध्यम से प्रयोगात्मक शिक्षा को समझने और आधुनिक सॉफ्टवेयर तकनीकों के उपयोग की क्षमता विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद जताई गई।


