- आधी रात तक अधिकारी देते रहे आपूर्ति बहाल कराने का आश्वासन, फिर भी नहीं लौटी बिजली
- जलापूर्ति ठप, जहरीले जीव-जंतुओं का डर; ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश
अरविन्द श्रीवास्तव, जिला संवाददाता
बांदा। लगातार हो रही बारिश के बीच विद्युत आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खुरहंड पावर हाउस से जुड़े मणिपुर फीडर के अंतर्गत आने वाले करीब एक सैकड़ा गांवों में शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे से बिजली गुल होने का दावा ग्रामीणों ने किया है। 36 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक, बारिश के मौसम में लंबे समय तक बिजली न रहने से घरों में जहरीले सांप और अन्य कीड़े-मकौड़े घुसने का खतरा बना हुआ है। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर परिवार चिंतित हैं। बिजली न होने के कारण कई गांवों में जलापूर्ति भी प्रभावित हुई है, जिससे लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी जुटाने में परेशानी उठानी पड़ रही है।
पांच फीडर से होती है आपूर्ति, मणिपुर फीडर के गांव प्रभावित
बताया गया कि खुरहंड स्थित 33 केवी पावर हाउस से अर्जुनाह, गिरवां, खुरहंड, नगनेदी और मणिपुर समेत पांच फीडर संचालित होते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अन्य फीडरों पर आपूर्ति की स्थिति अलग-अलग रही, लेकिन मणिपुर फीडर से जुड़े करीब एक सैकड़ा गांव लंबे समय से बिजली संकट से जूझ रहे हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लगातार शिकायतों के बावजूद विद्युत आपूर्ति बहाल कराने में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई गई। देर रात तक जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से जल्द बिजली आने का आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।
बारिश का हवाला, जल्द आपूर्ति बहाल कराने का दावा
ग्रामीणों के अनुसार लाइनमैन और अवर अभियंता की ओर से लगातार बारिश को विद्युत आपूर्ति बहाल करने में आ रही परेशानी का कारण बताया जा रहा है। वहीं मामले को लेकर अधिशासी अभियंता दीपक सचान ने बताया कि वह संबंधित जेई से बात करेंगे और जल्द विद्युत आपूर्ति बहाल कराने का प्रयास किया जाएगा।
लगातार 36 घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रहने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से प्रभावित गांवों में तत्काल विद्युत आपूर्ति बहाल कराने और लंबे समय से बनी समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।


