- लालाखेड़ा के भखारी हार बाबा मंदिर परिसर में हुआ भव्य दंगल, पहलवानों ने दिखाए दमदार दांव-पेंच
- पूर्व विधायक उदयराज यादव ने कहा—ग्रामीण दंगल भारतीय परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को रखे हुए हैं जीवंत
नेशन स्टेशन न्यूज़ | पुरवा, उन्नाव
संवाददाता: चित्रांश श्रीवास्तव
पुरवा (उन्नाव)। असोहा क्षेत्र के लालाखेड़ा स्थित भखारी हार बाबा मंदिर परिसर में चल रहे वार्षिकोत्सव के दौरान भव्य दंगल का आयोजन किया गया। इसमें क्षेत्र और आसपास के जनपदों से आए दर्जनों पहलवानों ने अपने दांव-पेंच और दमखम का प्रदर्शन किया। रोमांचक कुश्तियों को देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए और पहलवानों का उत्साह बढ़ाने के लिए लगातार तालियां बजाते रहे।
दंगल में अंकित झांसी, राजा उन्नाव, सुशील दिल्ली, संजय कानपुर, उस्मान डलमऊ, शकील लालगंज, सज्जन दलीगढ़ी और राधे लखनऊ समेत कई पहलवानों ने हिस्सा लिया। मुकाबलों के दौरान पहलवानों ने एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी और अपने कौशल से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
बालचंद्र ने सुलखान को दी शिकस्त
दंगल का सबसे रोमांचक मुकाबला ताजपुर के पहलवान बालचंद्र और दिल्ली से आए पहलवान सुलखान के बीच हुआ। दोनों पहलवानों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। आखिरकार बालचंद्र ने शानदार दांव लगाते हुए सुलखान को पटखनी दी और दंगल केसरी का खिताब अपने नाम कर लिया। उनकी जीत पर दर्शकों ने जोरदार तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया।
ग्रामीण दंगल हमारी सांस्कृतिक धरोहर: उदयराज यादव
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक उदयराज यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में वार्षिकोत्सव के दौरान आयोजित होने वाले कुश्ती मुकाबले भारतीय परंपरा को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से पारंपरिक खेलों को बढ़ावा मिलता है और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम में पूर्व प्रमुख वीतेन्द्र प्रताप सिंह, पवन मिश्र, पूर्व प्रमुख राजकुमार यादव, टिंकू यादव और हरिकेश सिंह सहित क्षेत्र के सैकड़ों लोग मौजूद रहे। आयोजन के अंत में आयोजक धनंजय यादव ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों को अंगवस्त्र और प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया।



