- सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद बड़ा न्यायिक फेरबदल
- राजस्थान से लेकर जम्मू-कश्मीर तक बदली कमान
नई दिल्ली, 6 सितंबर। देश की न्यायपालिका में बड़ा बदलाव करते हुए राष्ट्रपति ने आठ हाई कोर्ट में नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार ने शनिवार को इन नियुक्तियों की अधिसूचना जारी की। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के कुछ ही दिनों बाद आया है।
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केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए नियुक्तियों की जानकारी साझा की। इन नियुक्तियों में कई न्यायाधीशों को उनके वर्तमान हाई कोर्ट से दूसरे हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है।
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किसे कहां मिली जिम्मेदारी?
जस्टिस वल्लुरी कामेश्वर राव — पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
जस्टिस रविंद्र वी. घुगे — कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल — राजस्थान हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी — बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा — पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
जस्टिस कृष्ण राम महापात्रा — छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे — मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी — जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश।
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कॉलेजियम की सिफारिश के बाद नियुक्तियां
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 31 अगस्त 2026 की बैठक में कुछ हाई कोर्ट के लिए नए मुख्य न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश की थी। इनमें जस्टिस संजय के. अग्रवाल को छत्तीसगढ़ से राजस्थान, जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे को गुजरात से मध्य प्रदेश और जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी को राजस्थान से जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाई कोर्ट भेजने की सिफारिश शामिल थी।
राजस्थान हाई कोर्ट का मामला रहा चर्चा में
राजस्थान हाई कोर्ट में नए मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा को लेकर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संदीप मेहता की ओर से गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद विवाद खड़ा हुआ था। ऐसे में जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल की नियुक्ति को राजस्थान हाई कोर्ट के लिए महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
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न्यायिक प्रशासन में अहम बदलाव
आठ हाई कोर्ट में एक साथ मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति से इन अदालतों के प्रशासनिक और न्यायिक कामकाज में नई नेतृत्व व्यवस्था स्थापित होगी। खास तौर पर बॉम्बे, कलकत्ता, राजस्थान, पटना और मध्य प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण हाई कोर्ट में नई कमान न्यायिक मामलों के निपटारे और प्रशासनिक फैसलों के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
साफ संदेश: कॉलेजियम की सिफारिशों पर केंद्र की मंजूरी के साथ देश के आठ हाई कोर्ट में नेतृत्व का नया अध्याय शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में इन नियुक्तियों के बाद संबंधित हाई कोर्ट के प्रशासनिक कामकाज और लंबित मामलों के निपटारे पर भी नजर रहेगी।





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