अरविन्द श्रीवास्तव
बांदा। साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और आमजन को ऑनलाइन ठगी से बचाने के उद्देश्य से जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में 17 सितंबर को साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस टीमों ने छात्र-छात्राओं सहित आमजन को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों की जानकारी देते हुए बचाव के जरूरी उपाय बताए।
पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में आयोजित अभियान के दौरान लोगों को समझाया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन अथवा अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने और संदिग्ध कॉल या वीडियो कॉल रिसीव करने से भी बचने की सलाह दी गई। पुलिस ने लॉटरी, इनाम और अन्य लालच देकर भेजे जाने वाले कॉल व मैसेज को लेकर भी सतर्क किया।
स्क्रीन शेयरिंग एप बन सकते हैं ठगी का जरिया, सोशल मीडिया पर भी बरतें सावधानी
पुलिस ने बताया कि साइबर ठग लोगों को झांसे में लेकर मोबाइल की स्क्रीन देखने अथवा नियंत्रित करने वाले एप इंस्टाल करा सकते हैं। इसलिए किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर AnyDesk, QuickSupport, TeamViewer और Screen Mirror जैसे स्क्रीन शेयरिंग एप इंस्टाल नहीं करने की अपील की गई। सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय भी सावधानी बरतने तथा अनजान लोगों के साथ निजी फोटो और गोपनीय जानकारी साझा न करने की हिदायत दी गई।
पुलिस टीमों ने साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल कार्रवाई को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए लोगों को साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी। ऑनलाइन शिकायत के लिए cybercrime.gov.in पोर्टल का उपयोग करने तथा आवश्यकता पड़ने पर नजदीकी थाने की साइबर हेल्प डेस्क अथवा जनपद के साइबर क्राइम पुलिस थाने से संपर्क करने की प्रक्रिया भी समझाई गई।


