नई दिल्ली। भारतीय रेलवे माल ढुलाई को तेज और आधुनिक बनाने की दिशा में एक अहम कदम बढ़ा रहा है। भारत की पहली वंदे भारत फ्रेट रेक का हाई-स्पीड ट्रायल किया गया, जिसमें ट्रेन ने अहमदाबाद-मुंबई सेंट्रल रूट पर 130 किमी/घंटे तक की गति हासिल की। इस ट्रायल को तेज और समयबद्ध माल परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ई-कॉमर्स, दवाइयों और इलेक्ट्रॉनिक्स की होगी तेज डिलीवरी
16 कोच वाली वंदे भारत फ्रेट ट्रेन को खासतौर पर ऐसे सामान की ढुलाई के लिए तैयार किया गया है, जिन्हें कम समय में एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाना जरूरी होता है। इसमें ई-कॉमर्स पैकेज, दवाइयां, इलेक्ट्रॉनिक्स और कोल्ड-चेन उत्पाद शामिल हैं। ट्रेन में रेफ्रिजरेटेड वैन की सुविधा होने से तापमान-संवेदनशील सामान को भी सुरक्षित तरीके से ले जाने में मदद मिलेगी।
CCTV, ऑटोमैटिक दरवाजे और Kavach से सुरक्षा
वंदे भारत फ्रेट रेक में आधुनिक सुविधाओं के साथ सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है। इसमें ऑटोमैटिक दरवाजे, CCTV निगरानी और Kavach सुरक्षा प्रणाली जैसी तकनीकें शामिल की गई हैं। 130 किमी/घंटे की रफ्तार का सफल ट्रायल मालगाड़ियों की गति बढ़ाने और लॉजिस्टिक्स को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
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तेज फ्रेट सेवा से कारोबारियों को सामान की जल्दी और अधिक भरोसेमंद डिलीवरी का विकल्प मिल सकता है। आने वाले समय में ऐसी ट्रेनों का विस्तार भारतीय रेलवे की माल ढुलाई क्षमता को नई दिशा दे सकता है।
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