गोंडा में व्यापारी विनोद साहनी की मौत पर बवाल: 3 आरोपी गिरफ्तार, SHO समेत 3 पुलिसकर्मी निलंबित

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  • हमले में घायल व्यापारी ने लखनऊ KGMU में तोड़ा दम, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
  • मंत्री संजय निषाद ने मांगी कड़ी कार्रवाई, प्रशासन के खिलाफ धरने से गरमाया मामला

गोंडा, 12 सितंबर। उत्तर प्रदेश के गोंडा में व्यापारी एवं निषाद पार्टी से जुड़े विनोद कुमार साहनी की मौत के मामले में पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मामले में कथित पुलिस लापरवाही को लेकर थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी और बीट प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, 9 सितंबर को परसपुर थाना क्षेत्र में विनोद साहनी के साथ मारपीट की गई थी। घायल हालत में उन्हें उपचार के लिए पहले स्थानीय स्तर पर ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के KGMU भेजा गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में हत्या की धाराएं भी बढ़ाई हैं।

तीन आरोपी गिरफ्तार, पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई

पुलिस के अनुसार मामले में तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, कर्तव्य में कथित लापरवाही के आरोप में परसपुर थाना प्रभारी कमल शंकर चतुर्वेदी, चौकी प्रभारी अंकित सिंह और बीट प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। परसपुर थाने की जिम्मेदारी नए अधिकारी को सौंपी गई है।

जांच में पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि विवाद की शुरुआत किस वजह से हुई और हमले में कितने लोग शामिल थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर विवाद की बात सामने आई है।

संजय निषाद ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग

मामले को लेकर निषाद पार्टी के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने विरोध जताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग को लेकर धरना दिया। प्रशासन की ओर से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद उनका विरोध समाप्त हुआ।

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मंत्री ने कहा कि मामला केवल किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और न्याय सुनिश्चित करने का मुद्दा है। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

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फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है। पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक दबाव भी बना हुआ है।

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