- अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की तेजी से बढ़ी बाजार की चिंता, शुरुआती कारोबार में चौतरफा बिकवाली
- निफ्टी 23,800 के नीचे फिसला, मिडकैप-स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में; निवेशकों की बढ़ी सतर्कता
नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 2 सितंबर 2026 को कारोबार शुरू होते ही जोरदार बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 750 अंकों से ज्यादा फिसल गया, जबकि निफ्टी 50 भी 23,800 के स्तर से नीचे चला गया। इस गिरावट के चलते सुबह के कारोबार में करीब ₹5 लाख करोड़ की बाजार पूंजी घट गई।
अमेरिका-ईरान तनाव का बाजार पर असर
बाजार में इस तेज गिरावट की बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव माना जा रहा है। अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई से वैश्विक निवेशकों में चिंता बढ़ी है। इसका असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा और भारतीय बाजार कमजोर शुरुआत के साथ खुले।
कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
भूराजनीतिक तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड करीब 95 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। भारत अपनी तेल जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है, इसलिए कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई, रुपये और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।
सभी प्रमुख सेक्टर दबाव में
बुधवार के शुरुआती कारोबार में 16 प्रमुख सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में रहे। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक निफ्टी करीब 0.82% गिरकर 23,858 और सेंसेक्स करीब 0.61% नीचे 76,471 पर था। इसके बाद शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स की गिरावट 750 अंक से अधिक तक पहुंच गई।
निवेशकों के लिए बढ़ी सतर्कता
अमेरिका-ईरान तनाव, महंगा कच्चा तेल, वैश्विक बाजारों में कमजोरी और बॉन्ड यील्ड में तेजी ने भारतीय बाजार की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे माहौल में बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने की आशंका बनी हुई है। निवेशकों की नजर अब वैश्विक घटनाक्रम और तेल की कीमतों पर रहेगी।
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नोट: ₹5 लाख करोड़ का आंकड़ा सुबह के कारोबार में बाजार पूंजी में हुई कमी को दर्शाता है; यह निवेशकों के खातों से वास्तविक नकद राशि निकलना नहीं है।





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