दलित-गुर्जर नेताओं ने लगाया पुलिस पर मारपीट का आरोप, सपा प्रमुख ने PDA का सिपाही बताया; बोले- कानून का राज होता तो IPS पर 307 का मुकदमा दर्ज होता
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लखनऊ। मेरठ में पुलिस कार्रवाई को लेकर सियासी विवाद बढ़ता जा रहा है। पुलिस की कथित मारपीट और थर्ड डिग्री के आरोप लगाने वाले दलित नेता मोहित जाटव और गुर्जर नेता दिग्विजय भाटी रविवार को लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय पहुंचे। दोनों नेताओं ने सपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की। इस दौरान अखिलेश यादव ने दोनों को PDA का सिपाही बताते हुए राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
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अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मेरठ में IPS अविनाश पांडेय की मौजूदगी में उनके साथ कथित तौर पर बूटों से मारपीट की गई और SOG द्वारा थर्ड डिग्री दी गई। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में वास्तव में कानून का राज होता तो संबंधित IPS अधिकारी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होता।
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‘जाति पता चलने के बाद बढ़ गया गुस्सा’
सपा प्रमुख ने कहा कि जैसे ही पुलिस अधिकारियों को पता चला कि दोनों नेता गुर्जर और जाटव समाज से हैं तथा समाजवादी पार्टी के साथ आए हैं, उनका गुस्सा और बढ़ गया। अखिलेश यादव ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाबदेही तय करने और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों को नौकरी में बने रहने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
अदालत के जरिए इंसाफ लेने की सलाह
अखिलेश यादव ने मोहित जाटव और दिग्विजय भाटी से इस मामले में अदालत के माध्यम से इंसाफ हासिल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी उनके साथ खड़ी है और मामले को मजबूती से उठाया जाएगा।
पश्चिमी यूपी में सियासी समीकरण पर नजर
मोहित जाटव और दिग्विजय भाटी की अखिलेश यादव से मुलाकात को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दलित और गुर्जर मतदाता पश्चिमी यूपी में महत्वपूर्ण सामाजिक समूह हैं। ऐसे में दोनों नेताओं को PDA से जोड़कर अखिलेश यादव ने एक बार फिर अपने सामाजिक समीकरण को मजबूत करने का संदेश दिया है।
हालांकि, पुलिस की ओर से लगाए गए आरोपों और अखिलेश यादव के दावों पर संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। मामले में पुलिस कार्रवाई, जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





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