मेरठ। पुलिस की वर्दी सिर्फ नौकरी का हिस्सा नहीं, बल्कि विभाग की गरिमा और जिम्मेदारी का प्रतीक है। लेकिन मेरठ में तैनात दरोगा अनु रानी से जुड़ा मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर उनके कथित लाइव और अश्लील चैट से जुड़े स्क्रीनशॉट/वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है।
वायरल दावों के मुताबिक, अनु रानी दिन में पुलिस की ड्यूटी करती थीं, जबकि रात में सोशल मीडिया पर लाइव आकर आपत्तिजनक बातचीत और कंटेंट से जुड़ी गतिविधियां करती थीं। सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया जा रहा है कि लाइव के दौरान दर्शकों से पैसे भेजने के लिए बारकोड साझा किया जाता था।
मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने इसे गंभीरता से लिया और दरोगा के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की। हालांकि वायरल सोशल मीडिया सामग्री में किए जा रहे सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
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यह मामला सिर्फ एक पुलिसकर्मी की व्यक्तिगत गतिविधियों तक सीमित नहीं है। सवाल यह भी है कि वर्दी में रहने वाले पुलिसकर्मियों के सोशल मीडिया आचरण की सीमा क्या होनी चाहिए? पुलिस की छवि सीधे जनता के भरोसे से जुड़ी होती है और ऐसे विवाद विभाग की साख पर भी सवाल खड़े करते हैं।
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वर्दी की गरिमा और सोशल मीडिया की सनसनी—दोनों के बीच की लकीर पार होते ही मामला नौकरी तक पहुंच गया।





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