आसाराम को 20 दिन की पैरोल, राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत

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  • जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद 87 वर्षीय आसाराम को पहली बार 20 दिन की पैरोल दिए जाने का आदेश, रिहाई की प्रक्रिया शुरू होने की चर्चा

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जोधपुर। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 87 वर्षीय आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिलने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि हाईकोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें 20 दिन की पैरोल पर रिहा करने का आदेश दिया है।

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आसाराम वर्तमान में जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। अदालत के आदेश के बाद अब उनकी अस्थायी रिहाई से जुड़ी प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पैरोल की अवधि के दौरान उन्हें अदालत और प्रशासन की ओर से तय शर्तों का पालन करना होगा।

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जानकारी के अनुसार, आसाराम की ओर से उम्र और स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों को आधार बनाते हुए राहत की मांग की गई थी। 87 वर्ष की उम्र और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का हवाला देते हुए अदालत के समक्ष याचिका प्रस्तुत की गई। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने उन्हें सीमित अवधि के लिए पैरोल देने का आदेश दिया।

क्या होती है पैरोल?

पैरोल किसी दोषी को सजा समाप्त किए बिना निर्धारित अवधि के लिए जेल से अस्थायी रूप से बाहर जाने की अनुमति होती है। पैरोल मिलने का अर्थ यह नहीं होता कि दोषी को मामले से बरी कर दिया गया है या उसकी सजा खत्म हो गई है। पैरोल की अवधि पूरी होने के बाद संबंधित व्यक्ति को तय नियमों के अनुसार वापस जेल लौटना होता है।

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आसाराम के खिलाफ क्या है मामला?

आसाराम को वर्ष 2013 में दर्ज नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराया गया था। वर्ष 2018 में जोधपुर की विशेष अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद उन्होंने सजा के खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।

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हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उनकी उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा था। अदालत ने पीड़िता की गवाही को महत्वपूर्ण और विश्वसनीय मानते हुए सजा में राहत देने से इनकार कर दिया था।

पहले भी स्वास्थ्य आधार पर मिल चुकी है अस्थायी राहत

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आसाराम को बीते वर्षों में स्वास्थ्य संबंधी कारणों के आधार पर अंतरिम जमानत और चिकित्सा संबंधी राहत मिलती रही है। वर्ष 2025 में राजस्थान हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उनकी अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाई थी और उनके स्वास्थ्य की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड से परीक्षण कराने के निर्देश भी दिए थे।

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अब 20 दिन की पैरोल की खबर के बाद आसाराम के समर्थकों और अनुयायियों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, पैरोल के दौरान उनकी आवाजाही, ठहरने और अन्य गतिविधियों को लेकर प्रशासन की ओर से निर्धारित शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा।

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पैरोल की अवधि समाप्त होने के बाद आसाराम को नियमानुसार वापस जेल लौटना होगा। यह राहत केवल सीमित अवधि के लिए है और इससे उनकी आजीवन कारावास की सजा या दोषसिद्धि पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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