- मानसून सत्र-2026 से पूर्व कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा, उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने दिए सख्त निर्देश
- कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं, आम जनता के शोषण और लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई: केशव प्रसाद मौर्य
- आंदोलनकारी छात्रों को न किया जाए परेशान, लेकिन छात्रों की आड़ में छिपे अपराधियों पर हो कठोर कार्रवाई।
- कांवड़ यात्रा को सुचारू और सुविधायुक्त बनाने के साथ ही असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने के निर्देश
उत्तर प्रदेश में आज से बदलेगी वाहन आरसी की व्यवस्था, अब चिप और QR कोड वाली Smart RC
लखनऊ: आगामी मानसून सत्र-2026 से पहले उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विधान भवन में कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रहे।
हर घर तिरंगा अभियान: 14 और 15 अगस्त को हर घर लहराएगा तिरंगा, देशभक्ति का संदेश देगा उत्तर प्रदेश
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए, लेकिन छात्र आंदोलन की आड़ में कानून तोड़ने वाले तत्वों पर सख्त कार्रवाई हो। कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुचारू और सुविधायुक्त बनाने, साइबर अपराधियों, अवैध धर्मांतरण, अफवाह फैलाने वालों और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।https://www.facebook.com/share/r/1D1XXcaSeR/
https://www.facebook.com/share/r/17tUdCvPch/
उप मुख्यमंत्री ने एनओसी के नाम पर आम जनता के शोषण पर रोक लगाने, ऑनलाइन चालानों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा अयोध्या प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोहराया कि प्रदेश सरकार अपराध और अराजकता के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।


