बसपा में बड़ा एक्शन: मायावती ने आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकाला, सियासी हलकों में तेज हुई चर्चाएं

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लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पार्टी संगठन में बड़ा फैसला लेते हुए वरिष्ठ नेता अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। अशोक सिद्धार्थ, बसपा के पूर्व राष्ट्रीय समन्वयक और पार्टी के प्रमुख चेहरों में रहे हैं। साथ ही वह आकाश आनंद के ससुर भी हैं। इस कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम बसपा नेतृत्व की ओर से संगठन पर अपनी पकड़ और अनुशासन को लेकर स्पष्ट संदेश देने वाला माना जा रहा है। इससे पहले भी अशोक सिद्धार्थ को पार्टी में कथित रूप से “थिंक टैंक” की भूमिका को लेकर विवादों के बीच जिम्मेदारियों से हटाया गया था।

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गौरतलब है कि हाल के महीनों में आकाश आनंद की संगठनात्मक भूमिका को लेकर भी कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। अब उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ के निष्कासन ने राजनीतिक अटकलों को और तेज कर दिया है। हालांकि, पार्टी की ओर से इस कार्रवाई के विस्तृत कारणों पर सार्वजनिक रूप से सीमित जानकारी ही साझा की गई है।

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राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को बसपा सुप्रीमो द्वारा यह संदेश देने के रूप में देखा जा रहा है कि पार्टी में अंतिम निर्णय और संगठन का नियंत्रण पूरी तरह शीर्ष नेतृत्व के हाथ में है। वहीं, कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस फैसले का असर आने वाले समय में बसपा की आंतरिक राजनीति और संगठनात्मक ढांचे पर भी देखने को मिल सकता है।

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हालांकि, सोशल मीडिया पर चल रहे ऐसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है जिनमें कहा जा रहा है कि “आकाश आनंद और उनके समर्थक दहशत में हैं।” इसे फिलहाल राजनीतिक टिप्पणी और अटकल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।https://www.facebook.com/share/r/1D1XXcaSeR/

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अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अशोक सिद्धार्थ या आकाश आनंद की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं।

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