- ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को आजीवन कारावास
- – फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान हुई थी अंकित शर्मा की हत्या
- – कोर्ट ने अपराध को बताया अत्यंत गंभीर और निर्मम
- – हत्या के बाद शव के साथ अमानवीय व्यवहार पर अदालत की कड़ी टिप्पणी
- – दिल्ली पुलिस और पीड़ित परिवार ने दोषियों के लिए मांगी थी फांसी
- – अदालत ने मृत्युदंड की मांग ठुकराकर सुनाई उम्रकैद

नई दिल्ली। फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने शुक्रवार, 31 जुलाई को सजा का ऐलान करते हुए अपराध को बेहद गंभीर, क्रूर और समाज को झकझोर देने वाला बताया।https://x.com/i/status/2083480199229047060
सजा सुनाने से पहले अदालत ने घटना की भयावहता पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अंकित शर्मा पर किया गया हमला अत्यंत निर्मम था। अदालत के अनुसार, अपराध को जिस तरीके से अंजाम दिया गया, वह समाज को सोचने पर मजबूर करने वाला है। कोर्ट ने माना कि यह केवल हत्या की घटना नहीं थी, बल्कि पीड़ित के साथ अत्यधिक क्रूरता की गई।
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अदालत ने कहा कि हमला इतना भीषण था कि अंकित शर्मा की मौत के बाद भी उनके शव के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। कोर्ट की टिप्पणी के अनुसार, शव को घसीटकर चांदबाग इलाके तक ले जाया गया और बाद में नाले में फेंक दिया गया। अदालत ने इस पूरे घटनाक्रम को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि अपराध को अंजाम देने का तरीका बेहद क्रूर और निर्मम था।
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मामले में दिल्ली पुलिस और अंकित शर्मा के परिजनों की ओर से सभी दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की गई थी। अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष दलील दी थी कि हत्या की प्रकृति और वारदात को अंजाम देने के तरीके को देखते हुए दोषियों को कठोरतम सजा दी जानी चाहिए।https://www.facebook.com/share/v/1CEVt7Yr6G/
हालांकि, अदालत ने फांसी की मांग स्वीकार नहीं की और ताहिर हुसैन समेत पांचों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह मामला वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े सबसे चर्चित मामलों में शामिल रहा है।
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गौरतलब है कि फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा लापता हो गए थे। बाद में उनका शव चांदबाग इलाके के एक नाले से बरामद किया गया था। इस घटना ने उस समय पूरे देश को झकझोर दिया था और मामले की जांच के बाद पुलिस ने कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की थी।





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