3100 दीपों से जगमगाया रामगंगा घाट, बनारस की टीम ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कराई भव्य गंगा आरती

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  • शाहबाद में आस्था, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का दिखा अनूठा संगम; गंगा मित्रों और समाजसेवियों को किया गया सम्मानित

शाहबाज खां जिला संवाददाता रामपुर 

रामपुर। शाहबाद के मणि मदारपुर स्थित श्री सिद्ध समाधि स्थल रामगंगा घाट पर गंगा उत्सव-2026 का भव्य आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया। 3100 दीपों के दीपदान से रामगंगा घाट रोशनी से नहा उठा। वहीं, वाराणसी से पहुंची विशेष गंगा आरती टीम ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भव्य आरती कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। हर-हर गंगे के जयकारों से पूरा घाट गूंज उठा।

जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के निर्देशन एवं प्रभागीय निदेशक रोहन तिवारी के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम जिला परियोजना अधिकारी लव कुमार के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता की। दीपदान के दौरान श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर नदियों के प्रति अपनी आस्था और संरक्षण का संकल्प व्यक्त किया।

कार्यक्रम में मनोरमा इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक, पर्यावरण संरक्षण गीत और योगाभ्यास के माध्यम से लोगों को प्रकृति, नदियों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के प्रति जागरूक किया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। विभिन्न जनजागरूकता गतिविधियों के जरिए लोगों से नदियों को स्वच्छ रखने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई।

गंगा मित्रों और समाजसेवियों को किया सम्मानित

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले गंगा मित्रों, शिक्षकों एवं समाजसेवियों को ‘पर्यावरण संरक्षण उत्कृष्ट सम्मान’ के तहत स्मृति भेंट देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान जिला परियोजना अधिकारी लव कुमार ने उपस्थित लोगों को गंगा को स्वच्छ, निर्मल एवं प्रदूषणमुक्त बनाए रखने की शपथ दिलाई।

उन्होंने कहा कि नदियां हमारी प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत हैं। इनका संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता जरूरी है। उन्होंने लोगों से घाटों पर स्वच्छता बनाए रखने, नदियों में कूड़ा-कचरा नहीं डालने और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

गंगा उत्सव-2026 ने रामगंगा घाट पर आस्था, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम प्रस्तुत किया। 3100 दीपों की रोशनी के बीच आयोजित भव्य आरती ने जहां श्रद्धालुओं को भावविभोर किया, वहीं आयोजन ने यह संदेश भी दिया कि नदियों को स्वच्छ और निर्मल रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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