- अयोध्या में 20 राज्यों के 200 प्रतिभागियों के बीच हुई शिक्षा नीति-2020 पर बहस, दो दिवसीय आयोजन में युवाओं ने दिखाई संसदीय समझ और राजनीतिक चेतना
अयोध्या। लोकतंत्र की पाठशाला में जब युवाओं को संसद की भूमिका निभाने का अवसर मिला तो शिक्षा नीति से लेकर देश के भविष्य तक कई अहम मुद्दों पर जोरदार बहस देखने को मिली। अयोध्या स्थित नंदिनी महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय उत्तर प्रदेश छात्र संसद में देश के करीब 20 राज्यों से पहुंचे 200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान रायबरेली के गौरव श्रीवास्तव ने राजद प्रमुख एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की भूमिका निभाते हुए नई शिक्षा नीति-2020 पर विपक्ष के तेवर में अपना पक्ष रखा।
गौरव श्रीवास्तव ने संसदीय अंदाज में शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने विपक्ष की भूमिका निभाते हुए शिक्षा व्यवस्था, विद्यार्थियों के भविष्य, समान शैक्षिक अवसर और नीति के जमीनी क्रियान्वयन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को बहस का हिस्सा बनाया। लालू प्रसाद यादव के राजनीतिक पोर्टफोलियो में उनकी सहभागिता ने आयोजन को खास पहचान दी।
शिक्षा नीति पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच वैचारिक मंथन
छात्र संसद का प्रमुख विषय राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 रहा। अलग-अलग राजनीतिक दलों और नेताओं की भूमिका निभा रहे प्रतिभागियों ने शिक्षा नीति के उद्देश्यों, उपलब्धियों, चुनौतियों और इसके प्रभावों पर अपने तर्क रखे। विद्यार्थियों ने यह समझने का प्रयास किया कि किसी राष्ट्रीय नीति को लागू करने में सरकार की जिम्मेदारी क्या होती है और उसकी कमियों को सामने लाने में विपक्ष की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है।
20 राज्यों के युवाओं ने दिखाई संसदीय प्रतिभा
दो दिवसीय इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से आए करीब 200 प्रतिभागियों ने संसदीय प्रक्रिया के अनुरूप अपनी भूमिकाएं निभाईं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व सांसद एवं नंदिनी महाविद्यालय के संरक्षक ब्रजभूषण शरण सिंह रहे। वहीं, विशाल मिश्रा की अगुआई में पूरे आयोजन को संपन्न कराया गया।
लोकतांत्रिक मूल्यों से युवाओं को जोड़ने की पहल
आयोजकों के अनुसार, उत्तर प्रदेश छात्र संसद का उद्देश्य युवाओं में राजनीतिक एवं सामाजिक जागरूकता विकसित करना, संसदीय कार्यप्रणाली की समझ बढ़ाना और उन्हें देश के विकास में अपनी भूमिका के प्रति जागरूक करना था। इस मंच पर प्रतिभागियों को अपनी बात रखने, तर्क प्रस्तुत करने, असहमति जताने और लोकतांत्रिक संवाद की परंपरा को समझने का अवसर मिला।
अयोध्या में आयोजित इस छात्र संसद में रायबरेली के गौरव श्रीवास्तव की लालू प्रसाद यादव के रूप में सहभागिता खास आकर्षण रही। नई शिक्षा नीति पर विपक्ष की भूमिका में उनके विचारों ने यह संदेश दिया कि लोकतंत्र में सवाल पूछना, नीतियों की समीक्षा करना और जनता के हितों की आवाज उठाना भी उतना ही जरूरी है जितना सरकार चलाना।



