- प्रशिक्षण में गंभीरता बरतने और जनगणना की तकनीकी प्रक्रियाओं को समझने पर दिया जोर, एक दिसंबर 2026 से प्रस्तावित है मकान सूचीकरण का कार्य
शाहबाज खां जिला संवाददाता रामपुर
रामपुर। जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बुधवार को जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने राजकीय पॉलिटेक्निक में संचालित जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रगणकों और सुपरवाइजरों से संवाद कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता तथा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना देश का महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम है। इसके माध्यम से जनसंख्या, सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति सहित विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियां एकत्र की जाती हैं। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर भविष्य की विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार होती है। इसलिए जनगणना कर्मियों को अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता और ईमानदारी से निभानी होगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी प्रगणक एवं सुपरवाइजर प्रशिक्षण में पूरी गंभीरता से भाग लें और जनगणना से जुड़ी प्रक्रियाओं एवं तकनीकी पहलुओं को अच्छी तरह समझें। घर-घर सर्वेक्षण के दौरान परिवारों से विनम्रता से संवाद करें और उन्हें जनगणना के उद्देश्य एवं महत्व की जानकारी सरल भाषा में दें, ताकि नागरिक सही जानकारी उपलब्ध करा सकें।
स्व-गणना में भी नागरिकों की भागीदारी जरूरी
डीएम ने बताया कि इस बार जनगणना डिजिटल माध्यम से कराई जा रही है। इसमें नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा भी उपलब्ध होगी। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि स्व-गणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करें और परिवार से संबंधित सभी जानकारियां सही-सही दर्ज करें।
उन्होंने बताया कि मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित कार्य एक दिसंबर 2026 से शुरू होना प्रस्तावित है। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम की सफलता के लिए प्रशासनिक अमले के साथ आम नागरिकों का सहयोग भी बेहद जरूरी है।
सटीक आंकड़े ही बनाएंगे विकास योजनाओं का मजबूत आधार
जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना में दर्ज प्रत्येक जानकारी का राष्ट्रीय महत्व है। इसलिए आंकड़े एकत्र करते समय किसी भी प्रकार की जल्दबाजी या लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रगणक निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार सही जानकारी दर्ज करें, जबकि सुपरवाइजर अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के कार्यों की निगरानी करते हुए उनकी समस्याओं का समय से समाधान कराएं।
उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के भविष्य की विकास योजनाओं को दिशा देने वाला महत्वपूर्ण अभियान है। सभी अधिकारी, कर्मचारी और नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझते हुए इसमें सहयोग करें, ताकि जनगणना-2027 का कार्य पारदर्शिता और सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सके।



