नशे के खिलाफ जिला प्रशासन की बड़ी पहल, गांवों में पहुंचकर अधिकारियों ने लोगों से किया संवाद

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  • भोखरा और जीदा गांव में डिप्टी कमिश्नर व जिला पुलिस प्रमुख ने की बैठक, नशा तस्करों को सख्त चेतावनी
  • नशे की सूचना देने वालों की पहचान रहेगी गोपनीय, नशा मुक्ति केंद्रों में मुफ्त इलाज और काउंसलिंग की सुविधा

बठिंडा, 23 अक्टूबर। (सुरेश रहेजा, प्रवीण कुमार, साहिल रहेजा)

पंजाब सरकार के ‘ड्रग्स के खिलाफ जंग’ अभियान को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने गांव स्तर पर जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में डिप्टी कमिश्नर राजेश धीमान और जिला पुलिस प्रमुख सुहैल कासिम मीर ने भोखरा और जीदा गांवों का दौरा कर ग्रामीणों के साथ बैठक की और नशे की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सहयोग की अपील की।

बैठक में डिप्टी कमिश्नर राजेश धीमान ने कहा कि पंजाब सरकार का लक्ष्य प्रदेश को फिर से खुशहाल और नशामुक्त बनाना है। यह लक्ष्य आम जनता के सहयोग के बिना हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि नशा एक गंभीर सामाजिक बुराई है, जो न केवल व्यक्ति का जीवन बर्बाद करती है, बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करती है। इसके मद्देनजर गांवों में रक्षा समितियों को और सक्रिय किया जाएगा, ताकि नशे के खिलाफ सामूहिक स्तर पर कार्रवाई की जा सके।

युवाओं को खेल और कौशल विकास से जोड़ने पर जोर

डिप्टी कमिश्नर ने युवाओं से नशे से दूर रहने और पढ़ाई, खेलकूद तथा कौशल विकास पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल टीमों का गठन किया जा रहा है, जो आपस में प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगी। इसका उद्देश्य युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना और उन्हें नशे से दूर रखना है।

नशा बेचने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

जिला पुलिस प्रमुख सुहैल कासिम मीर ने स्पष्ट किया कि नशे का कारोबार करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि उन्हें अपने गांव या आसपास के क्षेत्र में नशे की बिक्री से संबंधित कोई जानकारी मिलती है, तो वे पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 या एंटी-ड्रग हेल्पलाइन के माध्यम से सूचना दें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को मिलेगा मुफ्त उपचार

पुलिस प्रमुख ने बताया कि नशे की लत से जूझ रहे युवाओं के उपचार के लिए सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों में मुफ्त इलाज और काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने लोगों से अपील की कि नशे की समस्या से प्रभावित युवाओं को अपराधी मानकर अलग-थलग करने के बजाय उन्हें उपचार और सही मार्गदर्शन दिलाने में मदद करें।

बैठक के दौरान ग्रामीणों ने जिला प्रशासन की पहल का स्वागत करते हुए अपने गांवों को नशामुक्त बनाने में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, पंच-सरपंच, नंबरदार, स्कूली बच्चे और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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