- गलत खबर प्रसारित करने पर चैनल ने मांगी सार्वजनिक माफी, डिजिटल टीम के तीन कर्मियों की बर्खास्तगी की मीडिया रिपोर्ट; आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
नई दिल्ली। लोकगायिका नेहा सिंह राठौर से जुड़ी कथित गलत खबर प्रसारित करने के मामले में एबीपी न्यूज़ की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। चैनल की ओर से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे जाने के बाद अब डिजिटल टीम के तीन कर्मचारियों की नौकरी जाने का दावा सामने आया है। मीडिया पोर्टल भड़ास4मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, कार्रवाई में एक महिला पत्रकार भी शामिल हैं। हालांकि, कर्मचारियों की बर्खास्तगी की स्वतंत्र पुष्टि और एबीपी न्यूज़ प्रबंधन की आधिकारिक घोषणा फिलहाल सामने नहीं आई है।
गलत वीडियो को नेहा सिंह राठौर से जोड़ने पर उठा विवाद
विवाद 17 अक्टूबर 2026 को एबीपी न्यूज़ के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित एक वीडियो से शुरू हुआ। वीडियो में नेहा सिंह राठौर के हॉस्टल में कथित सेक्स रैकेट का मामला दिखाने का दावा किया गया था। इसमें पुलिस की छापेमारी के दृश्य भी शामिल थे।
फैक्ट-चेक वेबसाइट बूम की पड़ताल के अनुसार, वीडियो अक्टूबर 2024 में राजस्थान के बाड़मेर स्थित एक स्पा सेंटर पर हुई पुलिस छापेमारी का था। जांच में उस वीडियो का नेहा सिंह राठौर से संबंध होने का दावा सही नहीं पाया गया। इस खुलासे के बाद खबर की तथ्यात्मक विश्वसनीयता और संपादकीय जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए।
चैनल ने मांगी माफी, तीन कर्मचारियों पर कार्रवाई का दावा
विवाद बढ़ने और नेहा सिंह राठौर की आपत्ति के बाद एबीपी न्यूज़ ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर स्पष्टीकरण जारी कर खबर को तथ्यात्मक रूप से गलत स्वीकार किया और खेद जताते हुए सार्वजनिक माफी मांगी।
भड़ास4मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की आंतरिक जांच के बाद डिजिटल वीडियो विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी, शिफ्ट इंचार्ज और यूट्यूब शॉर्ट्स शिफ्ट इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई किए जाने का दावा किया गया है। रिपोर्ट में एक महिला पत्रकार के भी कार्रवाई की जद में आने की बात कही गई है। हालांकि, संबंधित कर्मचारियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं और बर्खास्तगी के दावे की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
नेहा सिंह राठौर ने उठाई जवाबदेही की मांग
इस प्रकरण में नेहा सिंह राठौर ने कड़ी आपत्ति जताई है। द वायर की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने मानहानि का मुकदमा दायर करने के लिए कानूनी सलाह लेने की बात भी कही है।
डिजिटल पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर सवाल
यह मामला मीडिया संस्थानों की तथ्य-जांच और संपादकीय जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर खबरें तेजी से प्रकाशित करने की होड़ में वीडियो के वास्तविक स्रोत, संदर्भ और संबंधित व्यक्ति से जुड़ी जानकारी की पुष्टि करना बेहद जरूरी है।
फिलहाल, एबीपी न्यूज़ की सार्वजनिक माफी की जानकारी और कर्मचारियों की बर्खास्तगी से जुड़ा मीडिया रिपोर्ट का दावा अलग-अलग तथ्य हैं। प्रबंधन की आधिकारिक पुष्टि सामने आने तक तीन कर्मचारियों की नौकरी जाने की खबर को पुष्ट तथ्य के बजाय मीडिया रिपोर्ट पर आधारित दावा माना जाना चाहिए।
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